22 मार्च 2026 को लेह का चौघड़िया

रविवार, 22 मार्च 2026, लेह, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 22 मार्च 2026 को लेह में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (21:17 तक), नक्षत्र भरणी (22:42 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 06:21 पर और सूर्यास्त 18:32 पर है। राहुकाल 17:01 से 18:32 तक है।

दिन और रात
दिन 06:21 – 18:32
रात 06:19 तक
तिथि
चतुर्थी, 21:17 तक
पंचमी
नक्षत्र
भरणी, 22:42 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:21 – 07:52टालें
चर07:52 – 09:23सामान्य
लाभ09:23 – 10:55शुभ
अमृत10:55 – 12:26शुभ
काल12:26 – 13:58टालें
शुभ13:58 – 15:29शुभ
रोग15:29 – 17:01टालें
उद्वेग17:01 – 18:32टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:32 – 20:00शुभ
अमृत20:00 – 21:29शुभ
चर21:29 – 22:57सामान्य
रोग22:57 – 00:26टालें
काल00:26 – 01:54टालें
लाभ01:54 – 03:22शुभ
उद्वेग03:22 – 04:51टालें
शुभ04:51 – 06:19शुभ

22 मार्च 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 21:17 तक
शुक्ल पंचमी 18:38, 23 मार्च तक
नक्षत्र
भरणी 22:42 तक
कृत्तिका 20:49, 23 मार्च तक
योग
वैधृतिअशुभ 15:41 तक
विष्कंभअशुभ 12:22, 23 मार्च तक
करण
वणिज 10:37 तक
विष्टि (भद्रा) 21:17 तक
बव 07:57, 23 मार्च तक
चंद्र राशि
मेष 04:14, 23 मार्च तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:21
सूर्यास्त
18:32
चंद्रोदय
07:57
चंद्रास्त
22:31
दिनमान
12h 11m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:46 – 05:33
अभिजीत मुहूर्त
12:02 – 12:51

अशुभ समय

राहुकाल
17:01 – 18:32
यमगंड
12:26 – 13:58
गुलिक काल
15:29 – 17:01

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:2107:22दिन
शुक्र07:2208:23दिन
बुध08:2309:23दिन
चंद्र09:2310:24दिन
शनि10:2411:25दिन
गुरु11:2512:26दिन
मंगल12:2613:27दिन
सूर्य13:2714:28दिन
शुक्र14:2815:29दिन
बुध15:2916:30दिन
चंद्र16:3017:31दिन
शनि17:3118:32दिन
गुरु18:3219:31रात
मंगल19:3120:30रात
सूर्य20:3021:29रात
शुक्र21:2922:28रात
बुध22:2823:27रात
चंद्र23:2700:26रात
शनि00:2601:25रात
गुरु01:2502:24रात
मंगल02:2403:22रात
सूर्य03:2204:21रात
शुक्र04:2105:20रात
बुध05:2006:19रात

अयनांश 24.2233° (लाहिड़ी)। समय लेह (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।