2 अप्रैल 2027 को लेह का चौघड़िया

शुक्रवार, 2 अप्रैल 2027, लेह, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 2 अप्रैल 2027 को लेह में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (02:52, 3 अप्रैल तक), नक्षत्र श्रवण (12:16 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 06:06 पर और सूर्यास्त 18:40 पर है। राहुकाल 10:49 से 12:23 तक है।

दिन और रात
दिन 06:06 – 18:40
रात 06:05 तक
तिथि
एकादशी, 02:52 तक
द्वादशी
नक्षत्र
श्रवण, 12:16 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:06 – 07:40सामान्य
लाभ07:40 – 09:15शुभ
अमृत09:15 – 10:49शुभ
काल10:49 – 12:23टालें
शुभ12:23 – 13:57शुभ
रोग13:57 – 15:32टालें
उद्वेग15:32 – 17:06टालें
चर17:06 – 18:40सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:40 – 20:06टालें
काल20:06 – 21:31टालें
लाभ21:31 – 22:57शुभ
उद्वेग22:57 – 00:22टालें
शुभ00:22 – 01:48शुभ
अमृत01:48 – 03:14शुभ
चर03:14 – 04:39सामान्य
रोग04:39 – 06:05टालें

2 अप्रैल 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 02:52, 3 अप्रैल तक
कृष्ण द्वादशी 04:27, 4 अप्रैल तक
नक्षत्र
श्रवण 12:16 तक
धनिष्ठा 14:41, 3 अप्रैल तक
योग
सिद्ध 09:41 तक
साध्य 10:10, 3 अप्रैल तक
करण
बव 13:52 तक
बालव 02:52, 3 अप्रैल तक
कौलव 15:44, 3 अप्रैल तक
चंद्र राशि
मकर 01:33, 3 अप्रैल तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:06
सूर्यास्त
18:40
चंद्रोदय
03:32
चंद्रास्त
14:18
दिनमान
12h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:34 – 05:20
अभिजीत मुहूर्त
11:58 – 12:48

अशुभ समय

राहुकाल
10:49 – 12:23
यमगंड
15:32 – 17:06
गुलिक काल
07:40 – 09:15

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:0607:09दिन
बुध07:0908:12दिन
चंद्र08:1209:15दिन
शनि09:1510:17दिन
गुरु10:1711:20दिन
मंगल11:2012:23दिन
सूर्य12:2313:26दिन
शुक्र13:2614:29दिन
बुध14:2915:32दिन
चंद्र15:3216:35दिन
शनि16:3517:37दिन
गुरु17:3718:40दिन
मंगल18:4019:37रात
सूर्य19:3720:34रात
शुक्र20:3421:31रात
बुध21:3122:28रात
चंद्र22:2823:25रात
शनि23:2500:22रात
गुरु00:2201:19रात
मंगल01:1902:16रात
सूर्य02:1603:14रात
शुक्र03:1404:11रात
बुध04:1105:08रात
चंद्र05:0806:05रात

अयनांश 24.2377° (लाहिड़ी)। समय लेह (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।