1 नवंबर 2028 को लेह का चौघड़िया

बुधवार, 1 नवंबर 2028, लेह, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 1 नवंबर 2028 को लेह में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (13:08 तक), नक्षत्र रेवती (06:54 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 06:39 पर और सूर्यास्त 17:26 पर है। राहुकाल 12:03 से 13:23 तक है।

दिन और रात
दिन 06:39 – 17:26
रात 06:40 तक
तिथि
चतुर्दशी, 13:08 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
अश्विनी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 नवंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:39 – 08:00शुभ
अमृत08:00 – 09:21शुभ
काल09:21 – 10:42टालें
शुभ10:42 – 12:03शुभ
रोग12:03 – 13:23टालें
उद्वेग13:23 – 14:44टालें
चर14:44 – 16:05सामान्य
लाभ16:05 – 17:26शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:26 – 19:05टालें
शुभ19:05 – 20:44शुभ
अमृत20:44 – 22:24शुभ
चर22:24 – 00:03सामान्य
रोग00:03 – 01:42टालें
काल01:42 – 03:21टालें
लाभ03:21 – 05:01शुभ
उद्वेग05:01 – 06:40टालें

1 नवंबर 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 13:08 तक
पूर्णिमा 14:47, 2 नव॰ तक
नक्षत्र
रेवती 06:54 तक
अश्विनी 09:09, 2 नव॰ तक
योग
वज्रअशुभ 16:14 तक
सिद्धि 16:23, 2 नव॰ तक
करण
वणिज 13:08 तक
विष्टि (भद्रा) 02:00, 2 नव॰ तक
बव 14:47, 2 नव॰ तक
चंद्र राशि
मीन 06:54 तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:39
सूर्यास्त
17:26
चंद्रोदय
16:32
चंद्रास्त
05:34
दिनमान
10h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:53 – 05:46
अभिजीत मुहूर्त
11:41 – 12:24 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:03 – 13:23
यमगंड
08:00 – 09:21
गुलिक काल
10:42 – 12:03

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:3907:33दिन
चंद्र07:3308:27दिन
शनि08:2709:21दिन
गुरु09:2110:15दिन
मंगल10:1511:09दिन
सूर्य11:0912:03दिन
शुक्र12:0312:56दिन
बुध12:5613:50दिन
चंद्र13:5014:44दिन
शनि14:4415:38दिन
गुरु15:3816:32दिन
मंगल16:3217:26दिन
सूर्य17:2618:32रात
शुक्र18:3219:38रात
बुध19:3820:44रात
चंद्र20:4421:51रात
शनि21:5122:57रात
गुरु22:5700:03रात
मंगल00:0301:09रात
सूर्य01:0902:15रात
शुक्र02:1503:21रात
बुध03:2104:28रात
चंद्र04:2805:34रात
शनि05:3406:40रात

अयनांश 24.2599° (लाहिड़ी)। समय लेह (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।