8 अप्रैल 2029 को लेह का चौघड़िया

रविवार, 8 अप्रैल 2029, लेह, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 8 अप्रैल 2029 को लेह में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (15:46 तक), नक्षत्र श्रवण (13:17 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 05:57 पर और सूर्यास्त 18:45 पर है। राहुकाल 17:09 से 18:45 तक है।

दिन और रात
दिन 05:57 – 18:45
रात 05:56 तक
तिथि
दशमी, 15:46 तक
एकादशी
नक्षत्र
श्रवण, 13:17 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:57 – 07:33टालें
चर07:33 – 09:09सामान्य
लाभ09:09 – 10:45शुभ
अमृत10:45 – 12:21शुभ
काल12:21 – 13:57टालें
शुभ13:57 – 15:33शुभ
रोग15:33 – 17:09टालें
उद्वेग17:09 – 18:45टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:45 – 20:09शुभ
अमृत20:09 – 21:33शुभ
चर21:33 – 22:57सामान्य
रोग22:57 – 00:21टालें
काल00:21 – 01:44टालें
लाभ01:44 – 03:08शुभ
उद्वेग03:08 – 04:32टालें
शुभ04:32 – 05:56शुभ

8 अप्रैल 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण दशमी 15:46 तक
कृष्ण एकादशी 17:39, 9 अप्रैल तक
नक्षत्र
श्रवण 13:17 तक
धनिष्ठा 15:41, 9 अप्रैल तक
योग
साध्य 23:19 तक
शुभ 23:51, 9 अप्रैल तक
करण
विष्टि (भद्रा) 15:46 तक
बव 04:40, 9 अप्रैल तक
बालव 17:39, 9 अप्रैल तक
चंद्र राशि
मकर 02:26, 9 अप्रैल तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:57
सूर्यास्त
18:45
चंद्रोदय
02:50
चंद्रास्त
13:54
दिनमान
12h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
अधिक चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
अधिक चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:28 – 05:12
अभिजीत मुहूर्त
11:56 – 12:47

अशुभ समय

राहुकाल
17:09 – 18:45
यमगंड
12:21 – 13:57
गुलिक काल
15:33 – 17:09

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:5707:01दिन
शुक्र07:0108:05दिन
बुध08:0509:09दिन
चंद्र09:0910:13दिन
शनि10:1311:17दिन
गुरु11:1712:21दिन
मंगल12:2113:25दिन
सूर्य13:2514:29दिन
शुक्र14:2915:33दिन
बुध15:3316:37दिन
चंद्र16:3717:41दिन
शनि17:4118:45दिन
गुरु18:4519:41रात
मंगल19:4120:37रात
सूर्य20:3721:33रात
शुक्र21:3322:29रात
बुध22:2923:25रात
चंद्र23:2500:21रात
शनि00:2101:16रात
गुरु01:1602:12रात
मंगल02:1203:08रात
सूर्य03:0804:04रात
शुक्र04:0405:00रात
बुध05:0005:56रात

अयनांश 24.2659° (लाहिड़ी)। समय लेह (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।