10 अप्रैल 2029 को लेह का चौघड़िया

मंगलवार, 10 अप्रैल 2029, लेह, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 10 अप्रैल 2029 को लेह में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (19:51 तक), नक्षत्र शतभिषा (18:24 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 05:55 पर और सूर्यास्त 18:47 पर है। राहुकाल 15:34 से 17:10 तक है।

दिन और रात
दिन 05:55 – 18:47
रात 05:53 तक
तिथि
द्वादशी, 19:51 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
शतभिषा, 18:24 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:55 – 07:31टालें
उद्वेग07:31 – 09:08टालें
चर09:08 – 10:44सामान्य
लाभ10:44 – 12:21शुभ
अमृत12:21 – 13:57शुभ
काल13:57 – 15:34टालें
शुभ15:34 – 17:10शुभ
रोग17:10 – 18:47टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:47 – 20:10टालें
लाभ20:10 – 21:33शुभ
उद्वेग21:33 – 22:57टालें
शुभ22:57 – 00:20शुभ
अमृत00:20 – 01:43शुभ
चर01:43 – 03:07सामान्य
रोग03:07 – 04:30टालें
काल04:30 – 05:53टालें

10 अप्रैल 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 19:51 तक
कृष्ण त्रयोदशी 22:15, 11 अप्रैल तक
नक्षत्र
शतभिषा 18:24 तक
पूर्वा भाद्रपद 21:17, 11 अप्रैल तक
योग
शुक्ल 00:35, 11 अप्रैल तक
ब्रह्म 01:27, 12 अप्रैल तक
करण
कौलव 06:44 तक
तैतिल 19:51 तक
गर 09:02, 11 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:55
सूर्यास्त
18:47
चंद्रोदय
03:48
चंद्रास्त
15:46
दिनमान
12h 52m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
अधिक चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
अधिक चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:25 – 05:10
अभिजीत मुहूर्त
11:55 – 12:46

अशुभ समय

राहुकाल
15:34 – 17:10
यमगंड
09:08 – 10:44
गुलिक काल
12:21 – 13:57

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:5506:59दिन
सूर्य06:5908:03दिन
शुक्र08:0309:08दिन
बुध09:0810:12दिन
चंद्र10:1211:16दिन
शनि11:1612:21दिन
गुरु12:2113:25दिन
मंगल13:2514:29दिन
सूर्य14:2915:34दिन
शुक्र15:3416:38दिन
बुध16:3817:42दिन
चंद्र17:4218:47दिन
शनि18:4719:42रात
गुरु19:4220:38रात
मंगल20:3821:33रात
सूर्य21:3322:29रात
शुक्र22:2923:25रात
बुध23:2500:20रात
चंद्र00:2001:16रात
शनि01:1602:11रात
गुरु02:1103:07रात
मंगल03:0704:02रात
सूर्य04:0204:58रात
शुक्र04:5805:53रात

अयनांश 24.2660° (लाहिड़ी)। समय लेह (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।