8 अक्टूबर 2026 को लेस्टर का चौघड़िया

गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026, लेस्टर, यूनाइटेड किंगडम। समय Europe/London में है।

गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को लेस्टर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (17:46 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (16:50 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 07:17 पर और सूर्यास्त 18:25 पर है। राहुकाल 14:15 से 15:38 तक है।

दिन और रात
दिन 07:17 – 18:25
रात 07:19 तक
तिथि
त्रयोदशी, 17:46 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 16:50 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ07:17 – 08:41शुभ
रोग08:41 – 10:04टालें
उद्वेग10:04 – 11:28टालें
चर11:28 – 12:51सामान्य
लाभ12:51 – 14:15शुभ
अमृत14:15 – 15:38शुभ
काल15:38 – 17:01टालें
शुभ17:01 – 18:25शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:25 – 20:02शुभ
चर20:02 – 21:38सामान्य
रोग21:38 – 23:15टालें
काल23:15 – 00:52टालें
लाभ00:52 – 02:29शुभ
उद्वेग02:29 – 04:05टालें
शुभ04:05 – 05:42शुभ
अमृत05:42 – 07:19शुभ

8 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 17:46 तक
कृष्ण चतुर्दशी 17:06, 9 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 16:49, 9 अक्टू॰ तक
योग
शुक्ल 20:28 तक
ब्रह्म 18:51, 9 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 17:46 तक
विष्टि (भद्रा) 05:23, 9 अक्टू॰ तक
शकुनि 17:06, 9 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 22:48 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:17
सूर्यास्त
18:25
चंद्रोदय
04:30
चंद्रास्त
17:27
दिनमान
11h 8m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:35 – 06:26
अभिजीत मुहूर्त
12:29 – 13:13

अशुभ समय

राहुकाल
14:15 – 15:38
यमगंड
07:17 – 08:41
गुलिक काल
10:04 – 11:28

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु07:1708:13दिन
मंगल08:1309:09दिन
सूर्य09:0910:04दिन
शुक्र10:0411:00दिन
बुध11:0011:55दिन
चंद्र11:5512:51दिन
शनि12:5113:47दिन
गुरु13:4714:42दिन
मंगल14:4215:38दिन
सूर्य15:3816:34दिन
शुक्र16:3417:29दिन
बुध17:2918:25दिन
चंद्र18:2519:29रात
शनि19:2920:34रात
गुरु20:3421:38रात
मंगल21:3822:43रात
सूर्य22:4323:47रात
शुक्र23:4700:52रात
बुध00:5201:56रात
चंद्र01:5603:01रात
शनि03:0104:05रात
गुरु04:0505:10रात
मंगल05:1006:14रात
सूर्य06:1407:19रात

अयनांश 24.2310° (लाहिड़ी)। समय लेस्टर (Europe/London) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।