1 जनवरी 2025 को लखनऊ का चौघड़िया

बुधवार, 1 जनवरी 2025, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 1 जनवरी 2025 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (02:24, 2 जन॰ तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (23:46 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 06:55 पर और सूर्यास्त 17:24 पर है। राहुकाल 12:09 से 13:28 तक है।

दिन और रात
दिन 06:55 – 17:24
रात 06:55 तक
तिथि
द्वितीया, 02:24 तक
तृतीया
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 23:46 तक
श्रवण
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:55 – 08:13शुभ
अमृत08:13 – 09:32शुभ
काल09:32 – 10:51टालें
शुभ10:51 – 12:09शुभ
रोग12:09 – 13:28टालें
उद्वेग13:28 – 14:47टालें
चर14:47 – 16:05सामान्य
लाभ16:05 – 17:24शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:24 – 19:05टालें
शुभ19:05 – 20:47शुभ
अमृत20:47 – 22:28शुभ
चर22:28 – 00:09सामान्य
रोग00:09 – 01:51टालें
काल01:51 – 03:32टालें
लाभ03:32 – 05:14शुभ
उद्वेग05:14 – 06:55टालें

1 जनवरी 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 02:24, 2 जन॰ तक
शुक्ल तृतीया 01:08, 3 जन॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 23:10, 2 जन॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 17:06 तक
हर्षण 14:57, 2 जन॰ तक
करण
बालव 14:56 तक
कौलव 02:24, 2 जन॰ तक
तैतिल 13:48, 2 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:55
सूर्यास्त
17:24
चंद्रोदय
08:12
चंद्रास्त
18:46
दिनमान
10h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:06 – 06:01
अभिजीत मुहूर्त
11:48 – 12:30 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:09 – 13:28
यमगंड
08:13 – 09:32
गुलिक काल
10:51 – 12:09

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:5507:47दिन
चंद्र07:4708:40दिन
शनि08:4009:32दिन
गुरु09:3210:24दिन
मंगल10:2411:17दिन
सूर्य11:1712:09दिन
शुक्र12:0913:02दिन
बुध13:0213:54दिन
चंद्र13:5414:47दिन
शनि14:4715:39दिन
गुरु15:3916:32दिन
मंगल16:3217:24दिन
सूर्य17:2418:32रात
शुक्र18:3219:39रात
बुध19:3920:47रात
चंद्र20:4721:54रात
शनि21:5423:02रात
गुरु23:0200:09रात
मंगल00:0901:17रात
सूर्य01:1702:25रात
शुक्र02:2503:32रात
बुध03:3204:40रात
चंद्र04:4005:47रात
शनि05:4706:55रात

अयनांश 24.2063° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।