18 अप्रैल 2025 को लखनऊ का चौघड़िया

शुक्रवार, 18 अप्रैल 2025, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 18 अप्रैल 2025 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (17:07 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (08:21 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 05:39 पर और सूर्यास्त 18:31 पर है। राहुकाल 10:29 से 12:05 तक है।

दिन और रात
दिन 05:39 – 18:31
रात 05:38 तक
तिथि
पंचमी, 17:07 तक
षष्ठी
नक्षत्र
मूल
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 अप्रैल 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:39 – 07:16सामान्य
लाभ07:16 – 08:52शुभ
अमृत08:52 – 10:29शुभ
काल10:29 – 12:05टालें
शुभ12:05 – 13:42शुभ
रोग13:42 – 15:18टालें
उद्वेग15:18 – 16:55टालें
चर16:55 – 18:31सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:31 – 19:55टालें
काल19:55 – 21:18टालें
लाभ21:18 – 22:41शुभ
उद्वेग22:41 – 00:05टालें
शुभ00:05 – 01:28शुभ
अमृत01:28 – 02:51शुभ
चर02:51 – 04:15सामान्य
रोग04:15 – 05:38टालें

18 अप्रैल 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 17:07 तक
कृष्ण षष्ठी 18:22, 19 अप्रैल तक
नक्षत्र
मूल 10:21, 19 अप्रैल तक
योग
परिघअशुभ 01:03, 19 अप्रैल तक
शिव 00:52, 20 अप्रैल तक
करण
तैतिल 17:07 तक
गर 05:49, 19 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:39
सूर्यास्त
18:31
चंद्रोदय
23:31
चंद्रास्त
08:50
दिनमान
12h 52m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:10 – 04:54
अभिजीत मुहूर्त
11:39 – 12:31

अशुभ समय

राहुकाल
10:29 – 12:05
यमगंड
15:18 – 16:55
गुलिक काल
07:16 – 08:52

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:3906:43दिन
बुध06:4307:48दिन
चंद्र07:4808:52दिन
शनि08:5209:56दिन
गुरु09:5611:01दिन
मंगल11:0112:05दिन
सूर्य12:0513:10दिन
शुक्र13:1014:14दिन
बुध14:1415:18दिन
चंद्र15:1816:23दिन
शनि16:2317:27दिन
गुरु17:2718:31दिन
मंगल18:3119:27रात
सूर्य19:2720:23रात
शुक्र20:2321:18रात
बुध21:1822:14रात
चंद्र22:1423:09रात
शनि23:0900:05रात
गुरु00:0501:00रात
मंगल01:0001:56रात
सूर्य01:5602:51रात
शुक्र02:5103:47रात
बुध03:4704:43रात
चंद्र04:4305:38रात

अयनांश 24.2104° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।