28 अप्रैल 2025 को लखनऊ का चौघड़िया

सोमवार, 28 अप्रैल 2025, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 28 अप्रैल 2025 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (21:11 तक), नक्षत्र भरणी (21:37 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 05:30 पर और सूर्यास्त 18:37 पर है। राहुकाल 07:08 से 08:47 तक है।

दिन और रात
दिन 05:30 – 18:37
रात 05:29 तक
तिथि
प्रतिपदा, 21:11 तक
द्वितीया
नक्षत्र
भरणी, 21:37 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 अप्रैल 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:30 – 07:08शुभ
काल07:08 – 08:47टालें
शुभ08:47 – 10:25शुभ
रोग10:25 – 12:03टालें
उद्वेग12:03 – 13:42टालें
चर13:42 – 15:20सामान्य
लाभ15:20 – 16:58शुभ
अमृत16:58 – 18:37शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:37 – 19:58सामान्य
रोग19:58 – 21:20टालें
काल21:20 – 22:41टालें
लाभ22:41 – 00:03शुभ
उद्वेग00:03 – 01:25टालें
शुभ01:25 – 02:46शुभ
अमृत02:46 – 04:08शुभ
चर04:08 – 05:29सामान्य

28 अप्रैल 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 21:11 तक
शुक्ल द्वितीया 17:31, 29 अप्रैल तक
नक्षत्र
भरणी 21:37 तक
कृत्तिका 18:47, 29 अप्रैल तक
योग
आयुष्मान 20:02 तक
सौभाग्य 15:53, 29 अप्रैल तक
करण
किंस्तुघ्न 11:05 तक
बव 21:11 तक
बालव 07:19, 29 अप्रैल तक
चंद्र राशि
मेष 02:53, 29 अप्रैल तक
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:30
सूर्यास्त
18:37
चंद्रोदय
05:31
चंद्रास्त
19:27
दिनमान
13h 7m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:03 – 04:46
अभिजीत मुहूर्त
11:37 – 12:30

अशुभ समय

राहुकाल
07:08 – 08:47
यमगंड
10:25 – 12:03
गुलिक काल
13:42 – 15:20

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:3006:36दिन
शनि06:3607:41दिन
गुरु07:4108:47दिन
मंगल08:4709:52दिन
सूर्य09:5210:58दिन
शुक्र10:5812:03दिन
बुध12:0313:09दिन
चंद्र13:0914:14दिन
शनि14:1415:20दिन
गुरु15:2016:26दिन
मंगल16:2617:31दिन
सूर्य17:3118:37दिन
शुक्र18:3719:31रात
बुध19:3120:25रात
चंद्र20:2521:20रात
शनि21:2022:14रात
गुरु22:1423:09रात
मंगल23:0900:03रात
सूर्य00:0300:57रात
शुक्र00:5701:52रात
बुध01:5202:46रात
चंद्र02:4603:40रात
शनि03:4004:35रात
गुरु04:3505:29रात

अयनांश 24.2108° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।