1 मई 2025 को लखनऊ का चौघड़िया

गुरुवार, 1 मई 2025, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 1 मई 2025 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (11:24 तक), नक्षत्र मृगशिरा (14:20 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 05:28 पर और सूर्यास्त 18:38 पर है। राहुकाल 13:42 से 15:21 तक है।

दिन और रात
दिन 05:28 – 18:38
रात 05:27 तक
तिथि
चतुर्थी, 11:24 तक
पंचमी
नक्षत्र
मृगशिरा, 14:20 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 मई 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:28 – 07:06शुभ
रोग07:06 – 08:45टालें
उद्वेग08:45 – 10:24टालें
चर10:24 – 12:03सामान्य
लाभ12:03 – 13:42शुभ
अमृत13:42 – 15:21शुभ
काल15:21 – 17:00टालें
शुभ17:00 – 18:38शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:38 – 19:59शुभ
चर19:59 – 21:20सामान्य
रोग21:20 – 22:42टालें
काल22:42 – 00:03टालें
लाभ00:03 – 01:24शुभ
उद्वेग01:24 – 02:45टालें
शुभ02:45 – 04:06शुभ
अमृत04:06 – 05:27शुभ

1 मई 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 11:24 तक
शुक्ल पंचमी 09:15, 2 मई तक
नक्षत्र
आर्द्रा 13:04, 2 मई तक
योग
अतिगंडअशुभ 08:34 तक
सुकर्मा 05:38, 2 मई तक
करण
विष्टि (भद्रा) 11:24 तक
बव 22:14 तक
बालव 09:15, 2 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:28
सूर्यास्त
18:38
चंद्रोदय
08:13
चंद्रास्त
22:56
दिनमान
13h 11m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:01 – 04:44
अभिजीत मुहूर्त
11:37 – 12:29

अशुभ समय

राहुकाल
13:42 – 15:21
यमगंड
05:28 – 07:06
गुलिक काल
08:45 – 10:24

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:2806:33दिन
मंगल06:3307:39दिन
सूर्य07:3908:45दिन
शुक्र08:4509:51दिन
बुध09:5110:57दिन
चंद्र10:5712:03दिन
शनि12:0313:09दिन
गुरु13:0914:15दिन
मंगल14:1515:21दिन
सूर्य15:2116:27दिन
शुक्र16:2717:32दिन
बुध17:3218:38दिन
चंद्र18:3819:32रात
शनि19:3220:26रात
गुरु20:2621:20रात
मंगल21:2022:15रात
सूर्य22:1523:09रात
शुक्र23:0900:03रात
बुध00:0300:57रात
चंद्र00:5701:51रात
शनि01:5102:45रात
गुरु02:4503:39रात
मंगल03:3904:33रात
सूर्य04:3305:27रात

अयनांश 24.2109° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।