19 मई 2025 को लखनऊ का चौघड़िया

सोमवार, 19 मई 2025, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 19 मई 2025 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (06:12 तक), नक्षत्र श्रवण (19:29 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 05:16 पर और सूर्यास्त 18:48 पर है। राहुकाल 06:58 से 08:39 तक है।

दिन और रात
दिन 05:16 – 18:48
रात 05:16 तक
तिथि
सप्तमी
नक्षत्र
श्रवण, 19:29 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 मई 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:16 – 06:58शुभ
काल06:58 – 08:39टालें
शुभ08:39 – 10:21शुभ
रोग10:21 – 12:02टालें
उद्वेग12:02 – 13:44टालें
चर13:44 – 15:25सामान्य
लाभ15:25 – 17:07शुभ
अमृत17:07 – 18:48शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:48 – 20:07सामान्य
रोग20:07 – 21:25टालें
काल21:25 – 22:44टालें
लाभ22:44 – 00:02शुभ
उद्वेग00:02 – 01:21टालें
शुभ01:21 – 02:39शुभ
अमृत02:39 – 03:57शुभ
चर03:57 – 05:16सामान्य

19 मई 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 06:12 तक
कृष्ण सप्तमी 05:52, 20 मई तक
नक्षत्र
श्रवण 19:29 तक
धनिष्ठा 19:32, 20 मई तक
योग
शुक्ल 05:52 तक
ब्रह्म 04:35, 20 मई तक
इंद्र 02:50, 21 मई तक
करण
वणिज 06:12 तक
विष्टि (भद्रा) 18:06 तक
बव 05:52, 20 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृषभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:16
सूर्यास्त
18:48
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
10:38
दिनमान
13h 32m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:52 – 04:34
अभिजीत मुहूर्त
11:35 – 12:29

अशुभ समय

राहुकाल
06:58 – 08:39
यमगंड
10:21 – 12:02
गुलिक काल
13:44 – 15:25

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:1606:24दिन
शनि06:2407:32दिन
गुरु07:3208:39दिन
मंगल08:3909:47दिन
सूर्य09:4710:55दिन
शुक्र10:5512:02दिन
बुध12:0213:10दिन
चंद्र13:1014:18दिन
शनि14:1815:25दिन
गुरु15:2516:33दिन
मंगल16:3317:41दिन
सूर्य17:4118:48दिन
शुक्र18:4819:41रात
बुध19:4120:33रात
चंद्र20:3321:25रात
शनि21:2522:18रात
गुरु22:1823:10रात
मंगल23:1000:02रात
सूर्य00:0200:54रात
शुक्र00:5401:47रात
बुध01:4702:39रात
चंद्र02:3903:31रात
शनि03:3104:23रात
गुरु04:2305:16रात

अयनांश 24.2116° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।