23 मई 2025 को लखनऊ का चौघड़िया

शुक्रवार, 23 मई 2025, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 23 मई 2025 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (22:30 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (16:02 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 05:15 पर और सूर्यास्त 18:51 पर है। राहुकाल 10:21 से 12:03 तक है।

दिन और रात
दिन 05:15 – 18:51
रात 05:14 तक
तिथि
एकादशी, 22:30 तक
द्वादशी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 16:02 तक
रेवती
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 मई 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:15 – 06:57सामान्य
लाभ06:57 – 08:39शुभ
अमृत08:39 – 10:21शुभ
काल10:21 – 12:03टालें
शुभ12:03 – 13:45शुभ
रोग13:45 – 15:27टालें
उद्वेग15:27 – 17:09टालें
चर17:09 – 18:51सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:51 – 20:09टालें
काल20:09 – 21:27टालें
लाभ21:27 – 22:44शुभ
उद्वेग22:44 – 00:02टालें
शुभ00:02 – 01:20शुभ
अमृत01:20 – 02:38शुभ
चर02:38 – 03:56सामान्य
रोग03:56 – 05:14टालें

23 मई 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 22:30 तक
कृष्ण द्वादशी 19:20, 24 मई तक
नक्षत्र
रेवती 13:48, 24 मई तक
योग
प्रीति 18:36 तक
आयुष्मान 15:00, 24 मई तक
करण
बव 11:55 तक
बालव 22:30 तक
कौलव 08:58, 24 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृषभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:15
सूर्यास्त
18:51
चंद्रोदय
02:08
चंद्रास्त
14:46
दिनमान
13h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:51 – 04:33
अभिजीत मुहूर्त
11:35 – 12:30

अशुभ समय

राहुकाल
10:21 – 12:03
यमगंड
15:27 – 17:09
गुलिक काल
06:57 – 08:39

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:1506:23दिन
बुध06:2307:31दिन
चंद्र07:3108:39दिन
शनि08:3909:47दिन
गुरु09:4710:55दिन
मंगल10:5512:03दिन
सूर्य12:0313:11दिन
शुक्र13:1114:19दिन
बुध14:1915:27दिन
चंद्र15:2716:35दिन
शनि16:3517:43दिन
गुरु17:4318:51दिन
मंगल18:5119:43रात
सूर्य19:4320:35रात
शुक्र20:3521:27रात
बुध21:2722:18रात
चंद्र22:1823:10रात
शनि23:1000:02रात
गुरु00:0200:54रात
मंगल00:5401:46रात
सूर्य01:4602:38रात
शुक्र02:3803:30रात
बुध03:3004:22रात
चंद्र04:2205:14रात

अयनांश 24.2117° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।