13 जून 2025 को लखनऊ का चौघड़िया

शुक्रवार, 13 जून 2025, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 13 जून 2025 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (15:19 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (23:20 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 05:11 पर और सूर्यास्त 19:00 पर है। राहुकाल 10:22 से 12:06 तक है।

दिन और रात
दिन 05:11 – 19:00
रात 05:12 तक
तिथि
द्वितीया, 15:19 तक
तृतीया
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 23:20 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 जून 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:11 – 06:55सामान्य
लाभ06:55 – 08:39शुभ
अमृत08:39 – 10:22शुभ
काल10:22 – 12:06टालें
शुभ12:06 – 13:49शुभ
रोग13:49 – 15:33टालें
उद्वेग15:33 – 17:17टालें
चर17:17 – 19:00सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग19:00 – 20:17टालें
काल20:17 – 21:33टालें
लाभ21:33 – 22:49शुभ
उद्वेग22:49 – 00:06टालें
शुभ00:06 – 01:22शुभ
अमृत01:22 – 02:39शुभ
चर02:39 – 03:55सामान्य
रोग03:55 – 05:12टालें

13 जून 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 15:19 तक
कृष्ण तृतीया 15:47, 14 जून तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 00:22, 15 जून तक
योग
शुक्ल 13:47 तक
ब्रह्म 13:12, 14 जून तक
करण
गर 15:19 तक
वणिज 03:36, 14 जून तक
विष्टि (भद्रा) 15:47, 14 जून तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृषभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:11
सूर्यास्त
19:00
चंद्रोदय
21:04
चंद्रास्त
06:32
दिनमान
13h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:50 – 04:31
अभिजीत मुहूर्त
11:38 – 12:33

अशुभ समय

राहुकाल
10:22 – 12:06
यमगंड
15:33 – 17:17
गुलिक काल
06:55 – 08:39

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:1106:21दिन
बुध06:2107:30दिन
चंद्र07:3008:39दिन
शनि08:3909:48दिन
गुरु09:4810:57दिन
मंगल10:5712:06दिन
सूर्य12:0613:15दिन
शुक्र13:1514:24दिन
बुध14:2415:33दिन
चंद्र15:3316:42दिन
शनि16:4217:51दिन
गुरु17:5119:00दिन
मंगल19:0019:51रात
सूर्य19:5120:42रात
शुक्र20:4221:33रात
बुध21:3322:24रात
चंद्र22:2423:15रात
शनि23:1500:06रात
गुरु00:0600:57रात
मंगल00:5701:48रात
सूर्य01:4802:39रात
शुक्र02:3903:30रात
बुध03:3004:21रात
चंद्र04:2105:12रात

अयनांश 24.2125° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।