13 जुलाई 2025 को लखनऊ का चौघड़िया

रविवार, 13 जुलाई 2025, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 13 जुलाई 2025 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (01:03, 14 जुल॰ तक), नक्षत्र श्रवण (06:53 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 05:21 पर और सूर्यास्त 19:02 पर है। राहुकाल 17:19 से 19:02 तक है।

दिन और रात
दिन 05:21 – 19:02
रात 05:21 तक
तिथि
तृतीया, 01:03 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
धनिष्ठा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 जुलाई 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:21 – 07:03टालें
चर07:03 – 08:46सामान्य
लाभ08:46 – 10:29शुभ
अमृत10:29 – 12:11शुभ
काल12:11 – 13:54टालें
शुभ13:54 – 15:37शुभ
रोग15:37 – 17:19टालें
उद्वेग17:19 – 19:02टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ19:02 – 20:20शुभ
अमृत20:20 – 21:37शुभ
चर21:37 – 22:54सामान्य
रोग22:54 – 00:12टालें
काल00:12 – 01:29टालें
लाभ01:29 – 02:46शुभ
उद्वेग02:46 – 04:04टालें
शुभ04:04 – 05:21शुभ

13 जुलाई 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 01:03, 14 जुल॰ तक
कृष्ण चतुर्थी 00:00, 15 जुल॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 06:53 तक
धनिष्ठा 06:49, 14 जुल॰ तक
योग
प्रीति 18:00 तक
आयुष्मान 16:13, 14 जुल॰ तक
करण
वणिज 13:27 तक
विष्टि (भद्रा) 01:03, 14 जुल॰ तक
बव 12:33, 14 जुल॰ तक
चंद्र राशि
मकर 18:53 तक
सूर्य राशिमिथुन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:21
सूर्यास्त
19:02
चंद्रोदय
21:04
चंद्रास्त
07:27
दिनमान
13h 42m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:58 – 04:39
अभिजीत मुहूर्त
11:44 – 12:39

अशुभ समय

राहुकाल
17:19 – 19:02
यमगंड
12:11 – 13:54
गुलिक काल
15:37 – 17:19

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:2106:29दिन
शुक्र06:2907:38दिन
बुध07:3808:46दिन
चंद्र08:4609:54दिन
शनि09:5411:03दिन
गुरु11:0312:11दिन
मंगल12:1113:20दिन
सूर्य13:2014:28दिन
शुक्र14:2815:37दिन
बुध15:3716:45दिन
चंद्र16:4517:54दिन
शनि17:5419:02दिन
गुरु19:0219:54रात
मंगल19:5420:45रात
सूर्य20:4521:37रात
शुक्र21:3722:28रात
बुध22:2823:20रात
चंद्र23:2000:12रात
शनि00:1201:03रात
गुरु01:0301:55रात
मंगल01:5502:46रात
सूर्य02:4603:38रात
शुक्र03:3804:30रात
बुध04:3005:21रात

अयनांश 24.2137° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।