19 जुलाई 2025 को लखनऊ का चौघड़िया

शनिवार, 19 जुलाई 2025, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 19 जुलाई 2025 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (14:42 तक), नक्षत्र भरणी (00:37, 20 जुल॰ तक) और योग शूल है। सूर्योदय 05:24 पर और सूर्यास्त 19:00 पर है। राहुकाल 08:48 से 10:30 तक है।

दिन और रात
दिन 05:24 – 19:00
रात 05:24 तक
तिथि
नवमी, 14:42 तक
दशमी
नक्षत्र
भरणी, 00:37 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 जुलाई 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:24 – 07:06टालें
शुभ07:06 – 08:48शुभ
रोग08:48 – 10:30टालें
उद्वेग10:30 – 12:12टालें
चर12:12 – 13:54सामान्य
लाभ13:54 – 15:36शुभ
अमृत15:36 – 17:18शुभ
काल17:18 – 19:00टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ19:00 – 20:18शुभ
उद्वेग20:18 – 21:36टालें
शुभ21:36 – 22:54शुभ
अमृत22:54 – 00:12शुभ
चर00:12 – 01:30सामान्य
रोग01:30 – 02:48टालें
काल02:48 – 04:06टालें
लाभ04:06 – 05:24शुभ

19 जुलाई 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण नवमी 14:42 तक
कृष्ण दशमी 12:13, 20 जुल॰ तक
नक्षत्र
भरणी 00:37, 20 जुल॰ तक
कृत्तिका 22:53, 20 जुल॰ तक
योग
शूलअशुभ 00:55, 20 जुल॰ तक
गंडअशुभ 21:48, 20 जुल॰ तक
करण
गर 14:42 तक
वणिज 01:29, 20 जुल॰ तक
विष्टि (भद्रा) 12:13, 20 जुल॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकर्क
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:24
सूर्यास्त
19:00
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
13:41
दिनमान
13h 37m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:01 – 04:42
अभिजीत मुहूर्त
11:45 – 12:39

अशुभ समय

राहुकाल
08:48 – 10:30
यमगंड
13:54 – 15:36
गुलिक काल
05:24 – 07:06

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:2406:32दिन
गुरु06:3207:40दिन
मंगल07:4008:48दिन
सूर्य08:4809:56दिन
शुक्र09:5611:04दिन
बुध11:0412:12दिन
चंद्र12:1213:20दिन
शनि13:2014:28दिन
गुरु14:2815:36दिन
मंगल15:3616:44दिन
सूर्य16:4417:52दिन
शुक्र17:5219:00दिन
बुध19:0019:52रात
चंद्र19:5220:44रात
शनि20:4421:36रात
गुरु21:3622:28रात
मंगल22:2823:20रात
सूर्य23:2000:12रात
शुक्र00:1201:04रात
बुध01:0401:56रात
चंद्र01:5602:48रात
शनि02:4803:40रात
गुरु03:4004:32रात
मंगल04:3205:24रात

अयनांश 24.2139° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।