15 सितंबर 2025 को लखनऊ का चौघड़िया

सोमवार, 15 सितंबर 2025, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 15 सितंबर 2025 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (01:31, 16 सित॰ तक), नक्षत्र मृगशिरा (07:31 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 05:51 पर और सूर्यास्त 18:10 पर है। राहुकाल 07:24 से 08:56 तक है।

दिन और रात
दिन 05:51 – 18:10
रात 05:52 तक
तिथि
नवमी, 01:31 तक
दशमी
नक्षत्र
आर्द्रा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:51 – 07:24शुभ
काल07:24 – 08:56टालें
शुभ08:56 – 10:28शुभ
रोग10:28 – 12:01टालें
उद्वेग12:01 – 13:33टालें
चर13:33 – 15:05सामान्य
लाभ15:05 – 16:38शुभ
अमृत16:38 – 18:10शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:10 – 19:38सामान्य
रोग19:38 – 21:06टालें
काल21:06 – 22:33टालें
लाभ22:33 – 00:01शुभ
उद्वेग00:01 – 01:29टालें
शुभ01:29 – 02:56शुभ
अमृत02:56 – 04:24शुभ
चर04:24 – 05:52सामान्य

15 सितंबर 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण नवमी 01:31, 16 सित॰ तक
कृष्ण दशमी 00:22, 17 सित॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 06:46, 16 सित॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 02:34, 16 सित॰ तक
वरीयान 00:34, 17 सित॰ तक
करण
तैतिल 14:16 तक
गर 01:31, 16 सित॰ तक
वणिज 12:53, 16 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:51
सूर्यास्त
18:10
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
13:51
दिनमान
12h 19m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:18 – 05:05
अभिजीत मुहूर्त
11:36 – 12:25

अशुभ समय

राहुकाल
07:24 – 08:56
यमगंड
10:28 – 12:01
गुलिक काल
13:33 – 15:05

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:5106:53दिन
शनि06:5307:54दिन
गुरु07:5408:56दिन
मंगल08:5609:58दिन
सूर्य09:5810:59दिन
शुक्र10:5912:01दिन
बुध12:0113:02दिन
चंद्र13:0214:04दिन
शनि14:0415:05दिन
गुरु15:0516:07दिन
मंगल16:0717:09दिन
सूर्य17:0918:10दिन
शुक्र18:1019:09रात
बुध19:0920:07रात
चंद्र20:0721:06रात
शनि21:0622:04रात
गुरु22:0423:02रात
मंगल23:0200:01रात
सूर्य00:0100:59रात
शुक्र00:5901:58रात
बुध01:5802:56रात
चंद्र02:5603:55रात
शनि03:5504:53रात
गुरु04:5305:52रात

अयनांश 24.2161° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।