6 मई 2026 को लखनऊ का चौघड़िया

बुधवार, 6 मई 2026, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 6 मई 2026 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (07:51 तक), नक्षत्र मूल (15:53 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 05:24 पर और सूर्यास्त 18:41 पर है। राहुकाल 12:03 से 13:42 तक है।

दिन और रात
दिन 05:24 – 18:41
रात 05:23 तक
तिथि
पंचमी
नक्षत्र
मूल, 15:53 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 मई 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:24 – 07:04शुभ
अमृत07:04 – 08:43शुभ
काल08:43 – 10:23टालें
शुभ10:23 – 12:03शुभ
रोग12:03 – 13:42टालें
उद्वेग13:42 – 15:22टालें
चर15:22 – 17:01सामान्य
लाभ17:01 – 18:41शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:41 – 20:01टालें
शुभ20:01 – 21:22शुभ
अमृत21:22 – 22:42शुभ
चर22:42 – 00:02सामान्य
रोग00:02 – 01:22टालें
काल01:22 – 02:43टालें
लाभ02:43 – 04:03शुभ
उद्वेग04:03 – 05:23टालें

6 मई 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 07:51 तक
कृष्ण पंचमी 10:14, 7 मई तक
नक्षत्र
मूल 15:53 तक
पूर्वाषाढ़ा 18:45, 7 मई तक
योग
सिद्ध 01:12, 7 मई तक
साध्य 01:59, 8 मई तक
करण
बालव 07:51 तक
कौलव 21:04 तक
तैतिल 10:14, 7 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:24
सूर्यास्त
18:41
चंद्रोदय
22:58
चंद्रास्त
08:25
दिनमान
13h 17m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:58 – 04:41
अभिजीत मुहूर्त
11:36 – 12:29 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:03 – 13:42
यमगंड
07:04 – 08:43
गुलिक काल
10:23 – 12:03

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:2406:30दिन
चंद्र06:3007:37दिन
शनि07:3708:43दिन
गुरु08:4309:50दिन
मंगल09:5010:56दिन
सूर्य10:5612:03दिन
शुक्र12:0313:09दिन
बुध13:0914:15दिन
चंद्र14:1515:22दिन
शनि15:2216:28दिन
गुरु16:2817:35दिन
मंगल17:3518:41दिन
सूर्य18:4119:35रात
शुक्र19:3520:28रात
बुध20:2821:22रात
चंद्र21:2222:15रात
शनि22:1523:09रात
गुरु23:0900:02रात
मंगल00:0200:56रात
सूर्य00:5601:49रात
शुक्र01:4902:43रात
बुध02:4303:36रात
चंद्र03:3604:30रात
शनि04:3005:23रात

अयनांश 24.2250° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।