7 मई 2026 को लखनऊ का चौघड़िया

गुरुवार, 7 मई 2026, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 7 मई 2026 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (10:14 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (18:45 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 05:23 पर और सूर्यास्त 18:42 पर है। राहुकाल 13:42 से 15:22 तक है।

दिन और रात
दिन 05:23 – 18:42
रात 05:23 तक
तिथि
पंचमी, 10:14 तक
षष्ठी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 18:45 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 मई 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:23 – 07:03शुभ
रोग07:03 – 08:43टालें
उद्वेग08:43 – 10:23टालें
चर10:23 – 12:02सामान्य
लाभ12:02 – 13:42शुभ
अमृत13:42 – 15:22शुभ
काल15:22 – 17:02टालें
शुभ17:02 – 18:42शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:42 – 20:02शुभ
चर20:02 – 21:22सामान्य
रोग21:22 – 22:42टालें
काल22:42 – 00:02टालें
लाभ00:02 – 01:22शुभ
उद्वेग01:22 – 02:42टालें
शुभ02:42 – 04:02शुभ
अमृत04:02 – 05:23शुभ

7 मई 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 10:14 तक
कृष्ण षष्ठी 12:22, 8 मई तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 21:20, 8 मई तक
योग
साध्य 01:59, 8 मई तक
शुभ 02:30, 9 मई तक
करण
तैतिल 10:14 तक
गर 23:20 तक
वणिज 12:22, 8 मई तक
चंद्र राशि
धनु 01:26, 8 मई तक
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:23
सूर्यास्त
18:42
चंद्रोदय
23:41
चंद्रास्त
09:20
दिनमान
13h 18m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:58 – 04:40
अभिजीत मुहूर्त
11:36 – 12:29

अशुभ समय

राहुकाल
13:42 – 15:22
यमगंड
05:23 – 07:03
गुलिक काल
08:43 – 10:23

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:2306:30दिन
मंगल06:3007:36दिन
सूर्य07:3608:43दिन
शुक्र08:4309:49दिन
बुध09:4910:56दिन
चंद्र10:5612:02दिन
शनि12:0213:09दिन
गुरु13:0914:15दिन
मंगल14:1515:22दिन
सूर्य15:2216:29दिन
शुक्र16:2917:35दिन
बुध17:3518:42दिन
चंद्र18:4219:35रात
शनि19:3520:28रात
गुरु20:2821:22रात
मंगल21:2222:15रात
सूर्य22:1523:09रात
शुक्र23:0900:02रात
बुध00:0200:56रात
चंद्र00:5601:49रात
शनि01:4902:42रात
गुरु02:4203:36रात
मंगल03:3604:29रात
सूर्य04:2905:23रात

अयनांश 24.2251° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।