20 मई 2026 को लखनऊ का चौघड़िया

बुधवार, 20 मई 2026, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 20 मई 2026 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (11:07 तक), नक्षत्र आर्द्रा (06:12 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 05:16 पर और सूर्यास्त 18:49 पर है। राहुकाल 12:02 से 13:44 तक है।

दिन और रात
दिन 05:16 – 18:49
रात 05:15 तक
तिथि
चतुर्थी, 11:07 तक
पंचमी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 04:12 तक
पुष्य
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 मई 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:16 – 06:58शुभ
अमृत06:58 – 08:39शुभ
काल08:39 – 10:21टालें
शुभ10:21 – 12:02शुभ
रोग12:02 – 13:44टालें
उद्वेग13:44 – 15:26टालें
चर15:26 – 17:07सामान्य
लाभ17:07 – 18:49शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:49 – 20:07टालें
शुभ20:07 – 21:26शुभ
अमृत21:26 – 22:44शुभ
चर22:44 – 00:02सामान्य
रोग00:02 – 01:20टालें
काल01:20 – 02:39टालें
लाभ02:39 – 03:57शुभ
उद्वेग03:57 – 05:15टालें

20 मई 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 11:07 तक
शुक्ल पंचमी 08:27, 21 मई तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 04:12, 21 मई तक
पुष्य 02:49, 22 मई तक
योग
शूलअशुभ 14:10 तक
गंडअशुभ 10:58, 21 मई तक
करण
विष्टि (भद्रा) 11:07 तक
बव 21:42 तक
बालव 08:27, 21 मई तक
चंद्र राशि
मिथुन 22:39 तक
सूर्य राशिवृषभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:16
सूर्यास्त
18:49
चंद्रोदय
08:27
चंद्रास्त
22:52
दिनमान
13h 33m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
अधिक ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
अधिक ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:52 – 04:34
अभिजीत मुहूर्त
11:35 – 12:29 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:02 – 13:44
यमगंड
06:58 – 08:39
गुलिक काल
10:21 – 12:02

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:1606:24दिन
चंद्र06:2407:31दिन
शनि07:3108:39दिन
गुरु08:3909:47दिन
मंगल09:4710:55दिन
सूर्य10:5512:02दिन
शुक्र12:0213:10दिन
बुध13:1014:18दिन
चंद्र14:1815:26दिन
शनि15:2616:33दिन
गुरु16:3317:41दिन
मंगल17:4118:49दिन
सूर्य18:4919:41रात
शुक्र19:4120:33रात
बुध20:3321:26रात
चंद्र21:2622:18रात
शनि22:1823:10रात
गुरु23:1000:02रात
मंगल00:0200:54रात
सूर्य00:5401:47रात
शुक्र01:4702:39रात
बुध02:3903:31रात
चंद्र03:3104:23रात
शनि04:2305:15रात

अयनांश 24.2256° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।