3 जून 2026 को लखनऊ का चौघड़िया

बुधवार, 3 जून 2026, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 3 जून 2026 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (21:21 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (00:59, 4 जून तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 05:12 पर और सूर्यास्त 18:56 पर है। राहुकाल 12:04 से 13:47 तक है।

दिन और रात
दिन 05:12 – 18:56
रात 05:12 तक
तिथि
तृतीया, 21:21 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 00:59 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 जून 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:12 – 06:55शुभ
अमृत06:55 – 08:38शुभ
काल08:38 – 10:21टालें
शुभ10:21 – 12:04शुभ
रोग12:04 – 13:47टालें
उद्वेग13:47 – 15:30टालें
चर15:30 – 17:13सामान्य
लाभ17:13 – 18:56शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:56 – 20:13टालें
शुभ20:13 – 21:30शुभ
अमृत21:30 – 22:47शुभ
चर22:47 – 00:04सामान्य
रोग00:04 – 01:21टालें
काल01:21 – 02:38टालें
लाभ02:38 – 03:55शुभ
उद्वेग03:55 – 05:12टालें

3 जून 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 21:21 तक
कृष्ण चतुर्थी 23:30, 4 जून तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा 00:59, 4 जून तक
उत्तराषाढ़ा 03:41, 5 जून तक
योग
शुभ 08:12 तक
शुक्ल 09:03, 4 जून तक
करण
वणिज 08:12 तक
विष्टि (भद्रा) 21:21 तक
बव 10:28, 4 जून तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृषभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:12
सूर्यास्त
18:56
चंद्रोदय
21:39
चंद्रास्त
07:14
दिनमान
13h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
अधिक ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
अधिक ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:50 – 04:31
अभिजीत मुहूर्त
11:36 – 12:31 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:04 – 13:47
यमगंड
06:55 – 08:38
गुलिक काल
10:21 – 12:04

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:1206:20दिन
चंद्र06:2007:29दिन
शनि07:2908:38दिन
गुरु08:3809:47दिन
मंगल09:4710:55दिन
सूर्य10:5512:04दिन
शुक्र12:0413:13दिन
बुध13:1314:21दिन
चंद्र14:2115:30दिन
शनि15:3016:39दिन
गुरु16:3917:47दिन
मंगल17:4718:56दिन
सूर्य18:5619:47रात
शुक्र19:4720:39रात
बुध20:3921:30रात
चंद्र21:3022:21रात
शनि22:2123:13रात
गुरु23:1300:04रात
मंगल00:0400:55रात
सूर्य00:5501:46रात
शुक्र01:4602:38रात
बुध02:3803:29रात
चंद्र03:2904:20रात
शनि04:2005:12रात

अयनांश 24.2261° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।