22 जून 2026 को लखनऊ का चौघड़िया

सोमवार, 22 जून 2026, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 22 जून 2026 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (15:40 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (10:22 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 05:13 पर और सूर्यास्त 19:03 पर है। राहुकाल 06:57 से 08:40 तक है।

दिन और रात
दिन 05:13 – 19:03
रात 05:13 तक
तिथि
अष्टमी, 15:40 तक
नवमी
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 10:22 तक
हस्त
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 जून 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:13 – 06:57शुभ
काल06:57 – 08:40टालें
शुभ08:40 – 10:24शुभ
रोग10:24 – 12:08टालें
उद्वेग12:08 – 13:51टालें
चर13:51 – 15:35सामान्य
लाभ15:35 – 17:19शुभ
अमृत17:19 – 19:03शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:03 – 20:19सामान्य
रोग20:19 – 21:35टालें
काल21:35 – 22:52टालें
लाभ22:52 – 00:08शुभ
उद्वेग00:08 – 01:24टालें
शुभ01:24 – 02:40शुभ
अमृत02:40 – 03:57शुभ
चर03:57 – 05:13सामान्य

22 जून 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 15:40 तक
शुक्ल नवमी 16:40, 23 जून तक
नक्षत्र
हस्त 11:54, 23 जून तक
योग
व्यतीपातअशुभ 10:31 तक
वरीयान 10:13, 23 जून तक
करण
बव 15:40 तक
बालव 04:05, 23 जून तक
कौलव 16:40, 23 जून तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:13
सूर्यास्त
19:03
चंद्रोदय
12:29
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
13h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:51 – 04:32
अभिजीत मुहूर्त
11:40 – 12:35

अशुभ समय

राहुकाल
06:57 – 08:40
यमगंड
10:24 – 12:08
गुलिक काल
13:51 – 15:35

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:1306:22दिन
शनि06:2207:31दिन
गुरु07:3108:40दिन
मंगल08:4009:49दिन
सूर्य09:4910:59दिन
शुक्र10:5912:08दिन
बुध12:0813:17दिन
चंद्र13:1714:26दिन
शनि14:2615:35दिन
गुरु15:3516:44दिन
मंगल16:4417:53दिन
सूर्य17:5319:03दिन
शुक्र19:0319:53रात
बुध19:5320:44रात
चंद्र20:4421:35रात
शनि21:3522:26रात
गुरु22:2623:17रात
मंगल23:1700:08रात
सूर्य00:0800:59रात
शुक्र00:5901:50रात
बुध01:5002:40रात
चंद्र02:4003:31रात
शनि03:3104:22रात
गुरु04:2205:13रात

अयनांश 24.2268° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।