14 जुलाई 2026 को लखनऊ का चौघड़िया

मंगलवार, 14 जुलाई 2026, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 14 जुलाई 2026 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (15:13 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (00:09, 15 जुल॰ तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 05:21 पर और सूर्यास्त 19:02 पर है। राहुकाल 15:37 से 17:19 तक है।

दिन और रात
दिन 05:21 – 19:02
रात 05:21 तक
तिथि
अमावस्या, 15:13 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
पुनर्वसु, 00:09 तक
पुष्य
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 जुलाई 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:21 – 07:04टालें
उद्वेग07:04 – 08:46टालें
चर08:46 – 10:29सामान्य
लाभ10:29 – 12:11शुभ
अमृत12:11 – 13:54शुभ
काल13:54 – 15:37टालें
शुभ15:37 – 17:19शुभ
रोग17:19 – 19:02टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल19:02 – 20:19टालें
लाभ20:19 – 21:37शुभ
उद्वेग21:37 – 22:54टालें
शुभ22:54 – 00:12शुभ
अमृत00:12 – 01:29शुभ
चर01:29 – 02:47सामान्य
रोग02:47 – 04:04टालें
काल04:04 – 05:21टालें

14 जुलाई 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
अमावस्या 15:13 तक
शुक्ल प्रतिपदा 11:51, 15 जुल॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 00:09, 15 जुल॰ तक
पुष्य 21:46, 15 जुल॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 11:57 तक
हर्षण 08:04, 15 जुल॰ तक
करण
नाग 15:13 तक
किंस्तुघ्न 01:30, 15 जुल॰ तक
बव 11:51, 15 जुल॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 18:49 तक
सूर्य राशिमिथुन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:21
सूर्यास्त
19:02
चंद्रोदय
04:51
चंद्रास्त
19:16
दिनमान
13h 41m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:58 – 04:40
अभिजीत मुहूर्त
11:44 – 12:39

अशुभ समय

राहुकाल
15:37 – 17:19
यमगंड
08:46 – 10:29
गुलिक काल
12:11 – 13:54

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:2106:29दिन
सूर्य06:2907:38दिन
शुक्र07:3808:46दिन
बुध08:4609:55दिन
चंद्र09:5511:03दिन
शनि11:0312:11दिन
गुरु12:1113:20दिन
मंगल13:2014:28दिन
सूर्य14:2815:37दिन
शुक्र15:3716:45दिन
बुध16:4517:54दिन
चंद्र17:5419:02दिन
शनि19:0219:54रात
गुरु19:5420:45रात
मंगल20:4521:37रात
सूर्य21:3722:28रात
शुक्र22:2823:20रात
बुध23:2000:12रात
चंद्र00:1201:03रात
शनि01:0301:55रात
गुरु01:5502:47रात
मंगल02:4703:38रात
सूर्य03:3804:30रात
शुक्र04:3005:21रात

अयनांश 24.2277° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।