31 अगस्त 2026 को लखनऊ का चौघड़िया

सोमवार, 31 अगस्त 2026, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 31 अगस्त 2026 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (08:51 तक), नक्षत्र रेवती (03:24, 1 सित॰ तक) और योग गंड है। सूर्योदय 05:45 पर और सूर्यास्त 18:27 पर है। राहुकाल 07:20 से 08:55 तक है।

दिन और रात
दिन 05:45 – 18:27
रात 05:45 तक
तिथि
तृतीया, 08:51 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
रेवती, 03:24 तक
अश्विनी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 अगस्त 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:45 – 07:20शुभ
काल07:20 – 08:55टालें
शुभ08:55 – 10:31शुभ
रोग10:31 – 12:06टालें
उद्वेग12:06 – 13:41टालें
चर13:41 – 15:17सामान्य
लाभ15:17 – 16:52शुभ
अमृत16:52 – 18:27शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:27 – 19:52सामान्य
रोग19:52 – 21:17टालें
काल21:17 – 22:41टालें
लाभ22:41 – 00:06शुभ
उद्वेग00:06 – 01:31टालें
शुभ01:31 – 02:56शुभ
अमृत02:56 – 04:20शुभ
चर04:20 – 05:45सामान्य

31 अगस्त 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 08:51 तक
कृष्ण चतुर्थी 07:42, 1 सित॰ तक
नक्षत्र
रेवती 03:24, 1 सित॰ तक
अश्विनी 02:42, 2 सित॰ तक
योग
गंडअशुभ 01:51, 1 सित॰ तक
वृद्धि 23:38, 1 सित॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 08:51 तक
बव 20:19 तक
बालव 07:42, 1 सित॰ तक
चंद्र राशि
मीन 03:24, 1 सित॰ तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:45
सूर्यास्त
18:27
चंद्रोदय
20:11
चंद्रास्त
08:30
दिनमान
12h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:14 – 05:00
अभिजीत मुहूर्त
11:40 – 12:31

अशुभ समय

राहुकाल
07:20 – 08:55
यमगंड
10:31 – 12:06
गुलिक काल
13:41 – 15:17

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:4506:48दिन
शनि06:4807:52दिन
गुरु07:5208:55दिन
मंगल08:5509:59दिन
सूर्य09:5911:02दिन
शुक्र11:0212:06दिन
बुध12:0613:09दिन
चंद्र13:0914:13दिन
शनि14:1315:17दिन
गुरु15:1716:20दिन
मंगल16:2017:24दिन
सूर्य17:2418:27दिन
शुक्र18:2719:24रात
बुध19:2420:20रात
चंद्र20:2021:17रात
शनि21:1722:13रात
गुरु22:1323:10रात
मंगल23:1000:06रात
सूर्य00:0601:03रात
शुक्र01:0301:59रात
बुध01:5902:56रात
चंद्र02:5603:52रात
शनि03:5204:49रात
गुरु04:4905:45रात

अयनांश 24.2295° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।