11 दिसंबर 2026 को लखनऊ का चौघड़िया

शुक्रवार, 11 दिसंबर 2026, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 11 दिसंबर 2026 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (11:23 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (03:04, 12 दिस॰ तक) और योग गंड है। सूर्योदय 06:44 पर और सूर्यास्त 17:13 पर है। राहुकाल 10:40 से 11:59 तक है।

दिन और रात
दिन 06:44 – 17:13
रात 06:45 तक
तिथि
द्वितीया, 11:23 तक
तृतीया
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 03:04 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 दिसंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:44 – 08:03सामान्य
लाभ08:03 – 09:21शुभ
अमृत09:21 – 10:40शुभ
काल10:40 – 11:59टालें
शुभ11:59 – 13:17शुभ
रोग13:17 – 14:36टालें
उद्वेग14:36 – 15:55टालें
चर15:55 – 17:13सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:13 – 18:55टालें
काल18:55 – 20:36टालें
लाभ20:36 – 22:18शुभ
उद्वेग22:18 – 23:59टालें
शुभ23:59 – 01:41शुभ
अमृत01:41 – 03:22शुभ
चर03:22 – 05:03सामान्य
रोग05:03 – 06:45टालें

11 दिसंबर 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 11:23 तक
शुक्ल तृतीया 14:06, 12 दिस॰ तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा 03:04, 12 दिस॰ तक
उत्तराषाढ़ा 06:12, 13 दिस॰ तक
योग
गंडअशुभ 10:18 तक
वृद्धि 11:17, 12 दिस॰ तक
करण
कौलव 11:23 तक
तैतिल 00:44, 12 दिस॰ तक
गर 14:06, 12 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:44
सूर्यास्त
17:13
चंद्रोदय
08:37
चंद्रास्त
19:04
दिनमान
10h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:56 – 05:50
अभिजीत मुहूर्त
11:38 – 12:20

अशुभ समय

राहुकाल
10:40 – 11:59
यमगंड
14:36 – 15:55
गुलिक काल
08:03 – 09:21

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:4407:37दिन
बुध07:3708:29दिन
चंद्र08:2909:21दिन
शनि09:2110:14दिन
गुरु10:1411:06दिन
मंगल11:0611:59दिन
सूर्य11:5912:51दिन
शुक्र12:5113:44दिन
बुध13:4414:36दिन
चंद्र14:3615:29दिन
शनि15:2916:21दिन
गुरु16:2117:13दिन
मंगल17:1318:21रात
सूर्य18:2119:29रात
शुक्र19:2920:36रात
बुध20:3621:44रात
चंद्र21:4422:52रात
शनि22:5223:59रात
गुरु23:5901:07रात
मंगल01:0702:14रात
सूर्य02:1403:22रात
शुक्र03:2204:30रात
बुध04:3005:37रात
चंद्र05:3706:45रात

अयनांश 24.2334° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।