18 दिसंबर 2026 को लखनऊ का चौघड़िया

शुक्रवार, 18 दिसंबर 2026, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 18 दिसंबर 2026 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (23:14 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (16:10 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 06:48 पर और सूर्यास्त 17:16 पर है। राहुकाल 10:44 से 12:02 तक है।

दिन और रात
दिन 06:48 – 17:16
रात 06:49 तक
तिथि
नवमी, 23:14 तक
दशमी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 16:10 तक
रेवती
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 दिसंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:48 – 08:07सामान्य
लाभ08:07 – 09:25शुभ
अमृत09:25 – 10:44शुभ
काल10:44 – 12:02टालें
शुभ12:02 – 13:21शुभ
रोग13:21 – 14:39टालें
उद्वेग14:39 – 15:57टालें
चर15:57 – 17:16सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:16 – 18:58टालें
काल18:58 – 20:39टालें
लाभ20:39 – 22:21शुभ
उद्वेग22:21 – 00:02टालें
शुभ00:02 – 01:44शुभ
अमृत01:44 – 03:26शुभ
चर03:26 – 05:07सामान्य
रोग05:07 – 06:49टालें

18 दिसंबर 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल नवमी 23:14 तक
शुक्ल दशमी 22:09, 19 दिस॰ तक
नक्षत्र
रेवती 15:58, 19 दिस॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 12:19 तक
वरीयान 10:35, 19 दिस॰ तक
करण
बालव 11:27 तक
कौलव 23:14 तक
तैतिल 10:48, 19 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:48
सूर्यास्त
17:16
चंद्रोदय
12:31
चंद्रास्त
00:31
दिनमान
10h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:00 – 05:54
अभिजीत मुहूर्त
11:41 – 12:23

अशुभ समय

राहुकाल
10:44 – 12:02
यमगंड
14:39 – 15:57
गुलिक काल
08:07 – 09:25

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:4807:41दिन
बुध07:4108:33दिन
चंद्र08:3309:25दिन
शनि09:2510:18दिन
गुरु10:1811:10दिन
मंगल11:1012:02दिन
सूर्य12:0212:54दिन
शुक्र12:5413:47दिन
बुध13:4714:39दिन
चंद्र14:3915:31दिन
शनि15:3116:24दिन
गुरु16:2417:16दिन
मंगल17:1618:24रात
सूर्य18:2419:31रात
शुक्र19:3120:39रात
बुध20:3921:47रात
चंद्र21:4722:55रात
शनि22:5500:02रात
गुरु00:0201:10रात
मंगल01:1002:18रात
सूर्य02:1803:26रात
शुक्र03:2604:33रात
बुध04:3305:41रात
चंद्र05:4106:49रात

अयनांश 24.2337° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।