17 अप्रैल 2027 को लखनऊ का चौघड़िया

शनिवार, 17 अप्रैल 2027, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 17 अप्रैल 2027 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (09:28 तक), नक्षत्र मघा (07:08 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 05:40 पर और सूर्यास्त 18:31 पर है। राहुकाल 08:53 से 10:29 तक है।

दिन और रात
दिन 05:40 – 18:31
रात 05:40 तक
तिथि
एकादशी, 09:28 तक
द्वादशी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:40 – 07:17टालें
शुभ07:17 – 08:53शुभ
रोग08:53 – 10:29टालें
उद्वेग10:29 – 12:06टालें
चर12:06 – 13:42सामान्य
लाभ13:42 – 15:18शुभ
अमृत15:18 – 16:54शुभ
काल16:54 – 18:31टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:31 – 19:54शुभ
उद्वेग19:54 – 21:18टालें
शुभ21:18 – 22:42शुभ
अमृत22:42 – 00:05शुभ
चर00:05 – 01:29सामान्य
रोग01:29 – 02:52टालें
काल02:52 – 04:16टालें
लाभ04:16 – 05:40शुभ

17 अप्रैल 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 09:28 तक
शुक्ल द्वादशी 07:42, 18 अप्रैल तक
नक्षत्र
मघा 07:08 तक
पूर्वा फाल्गुनी 06:06, 18 अप्रैल तक
योग
वृद्धि 00:24, 18 अप्रैल तक
ध्रुव 21:58, 18 अप्रैल तक
करण
विष्टि (भद्रा) 09:28 तक
बव 20:34 तक
बालव 07:42, 18 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:40
सूर्यास्त
18:31
चंद्रोदय
15:06
चंद्रास्त
03:09
दिनमान
12h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:11 – 04:56
अभिजीत मुहूर्त
11:40 – 12:31

अशुभ समय

राहुकाल
08:53 – 10:29
यमगंड
13:42 – 15:18
गुलिक काल
05:40 – 07:17

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:4006:45दिन
गुरु06:4507:49दिन
मंगल07:4908:53दिन
सूर्य08:5309:57दिन
शुक्र09:5711:01दिन
बुध11:0112:06दिन
चंद्र12:0613:10दिन
शनि13:1014:14दिन
गुरु14:1415:18दिन
मंगल15:1816:22दिन
सूर्य16:2217:27दिन
शुक्र17:2718:31दिन
बुध18:3119:26रात
चंद्र19:2620:22रात
शनि20:2221:18रात
गुरु21:1822:14रात
मंगल22:1423:09रात
सूर्य23:0900:05रात
शुक्र00:0501:01रात
बुध01:0101:57रात
चंद्र01:5702:52रात
शनि02:5203:48रात
गुरु03:4804:44रात
मंगल04:4405:40रात

अयनांश 24.2383° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।