1 मई 2027 को लखनऊ का चौघड़िया

शनिवार, 1 मई 2027, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 1 मई 2027 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (18:54 तक), नक्षत्र शतभिषा (01:16, 2 मई तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 05:28 पर और सूर्यास्त 18:38 पर है। राहुकाल 08:46 से 10:24 तक है।

दिन और रात
दिन 05:28 – 18:38
रात 05:27 तक
तिथि
दशमी, 18:54 तक
एकादशी
नक्षत्र
शतभिषा, 01:16 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 मई 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:28 – 07:07टालें
शुभ07:07 – 08:46शुभ
रोग08:46 – 10:24टालें
उद्वेग10:24 – 12:03टालें
चर12:03 – 13:42सामान्य
लाभ13:42 – 15:21शुभ
अमृत15:21 – 16:59शुभ
काल16:59 – 18:38टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:38 – 19:59शुभ
उद्वेग19:59 – 21:20टालें
शुभ21:20 – 22:42शुभ
अमृत22:42 – 00:03शुभ
चर00:03 – 01:24सामान्य
रोग01:24 – 02:45टालें
काल02:45 – 04:06टालें
लाभ04:06 – 05:27शुभ

1 मई 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण दशमी 18:54 तक
कृष्ण एकादशी 19:52, 2 मई तक
नक्षत्र
शतभिषा 01:16, 2 मई तक
योग
ब्रह्म 18:43 तक
इंद्र 18:29, 2 मई तक
करण
वणिज 06:08 तक
विष्टि (भद्रा) 18:54 तक
बव 07:28, 2 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:28
सूर्यास्त
18:38
चंद्रोदय
02:07
चंद्रास्त
13:53
दिनमान
13h 10m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:01 – 04:45
अभिजीत मुहूर्त
11:37 – 12:29

अशुभ समय

राहुकाल
08:46 – 10:24
यमगंड
13:42 – 15:21
गुलिक काल
05:28 – 07:07

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:2806:34दिन
गुरु06:3407:40दिन
मंगल07:4008:46दिन
सूर्य08:4609:51दिन
शुक्र09:5110:57दिन
बुध10:5712:03दिन
चंद्र12:0313:09दिन
शनि13:0914:15दिन
गुरु14:1515:21दिन
मंगल15:2116:26दिन
सूर्य16:2617:32दिन
शुक्र17:3218:38दिन
बुध18:3819:32रात
चंद्र19:3220:26रात
शनि20:2621:20रात
गुरु21:2022:14रात
मंगल22:1423:09रात
सूर्य23:0900:03रात
शुक्र00:0300:57रात
बुध00:5701:51रात
चंद्र01:5102:45रात
शनि02:4503:39रात
गुरु03:3904:33रात
मंगल04:3305:27रात

अयनांश 24.2388° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।