7 मई 2027 को लखनऊ का चौघड़िया

शुक्रवार, 7 मई 2027, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 7 मई 2027 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (14:14 तक), नक्षत्र कृत्तिका (23:42 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 05:23 पर और सूर्यास्त 18:41 पर है। राहुकाल 10:23 से 12:02 तक है।

दिन और रात
दिन 05:23 – 18:41
रात 05:23 तक
तिथि
प्रतिपदा, 14:14 तक
द्वितीया
नक्षत्र
कृत्तिका, 23:42 तक
रोहिणी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 मई 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:23 – 07:03सामान्य
लाभ07:03 – 08:43शुभ
अमृत08:43 – 10:23शुभ
काल10:23 – 12:02टालें
शुभ12:02 – 13:42शुभ
रोग13:42 – 15:22टालें
उद्वेग15:22 – 17:02टालें
चर17:02 – 18:41सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:41 – 20:02टालें
काल20:02 – 21:22टालें
लाभ21:22 – 22:42शुभ
उद्वेग22:42 – 00:02टालें
शुभ00:02 – 01:22शुभ
अमृत01:22 – 02:42शुभ
चर02:42 – 04:03सामान्य
रोग04:03 – 05:23टालें

7 मई 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 14:14 तक
शुक्ल द्वितीया 11:43, 8 मई तक
नक्षत्र
रोहिणी 21:53, 8 मई तक
योग
सौभाग्य 08:57 तक
शोभन 05:51, 8 मई तक
करण
बव 14:14 तक
बालव 01:00, 8 मई तक
कौलव 11:43, 8 मई तक
चंद्र राशि
मेष 06:56 तक
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:23
सूर्यास्त
18:41
चंद्रोदय
05:36
चंद्रास्त
19:55
दिनमान
13h 18m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:58 – 04:41
अभिजीत मुहूर्त
11:36 – 12:29

अशुभ समय

राहुकाल
10:23 – 12:02
यमगंड
15:22 – 17:02
गुलिक काल
07:03 – 08:43

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:2306:30दिन
बुध06:3007:36दिन
चंद्र07:3608:43दिन
शनि08:4309:49दिन
गुरु09:4910:56दिन
मंगल10:5612:02दिन
सूर्य12:0213:09दिन
शुक्र13:0914:15दिन
बुध14:1515:22दिन
चंद्र15:2216:28दिन
शनि16:2817:35दिन
गुरु17:3518:41दिन
मंगल18:4119:35रात
सूर्य19:3520:28रात
शुक्र20:2821:22रात
बुध21:2222:15रात
चंद्र22:1523:09रात
शनि23:0900:02रात
गुरु00:0200:56रात
मंगल00:5601:49रात
सूर्य01:4902:42रात
शुक्र02:4203:36रात
बुध03:3604:29रात
चंद्र04:2905:23रात

अयनांश 24.2390° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।