1 जून 2027 को लखनऊ का चौघड़िया

मंगलवार, 1 जून 2027, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 1 जून 2027 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (09:40 तक), नक्षत्र रेवती (12:50 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 05:12 पर और सूर्यास्त 18:55 पर है। राहुकाल 15:29 से 17:12 तक है।

दिन और रात
दिन 05:12 – 18:55
रात 05:12 तक
तिथि
एकादशी, 09:40 तक
द्वादशी
नक्षत्र
रेवती, 12:50 तक
अश्विनी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 जून 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:12 – 06:55टालें
उद्वेग06:55 – 08:38टालें
चर08:38 – 10:21सामान्य
लाभ10:21 – 12:04शुभ
अमृत12:04 – 13:46शुभ
काल13:46 – 15:29टालें
शुभ15:29 – 17:12शुभ
रोग17:12 – 18:55टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:55 – 20:12टालें
लाभ20:12 – 21:29शुभ
उद्वेग21:29 – 22:46टालें
शुभ22:46 – 00:04शुभ
अमृत00:04 – 01:21शुभ
चर01:21 – 02:38सामान्य
रोग02:38 – 03:55टालें
काल03:55 – 05:12टालें

1 जून 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 09:40 तक
कृष्ण द्वादशी 08:29, 2 जून तक
नक्षत्र
रेवती 12:50 तक
अश्विनी 12:16, 2 जून तक
योग
सौभाग्य 00:22, 2 जून तक
शोभन 21:59, 2 जून तक
करण
बालव 09:40 तक
कौलव 21:10 तक
तैतिल 08:29, 2 जून तक
चंद्र राशि
मीन 12:50 तक
सूर्य राशिवृषभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:12
सूर्यास्त
18:55
चंद्रोदय
02:07
चंद्रास्त
15:24
दिनमान
13h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:50 – 04:31
अभिजीत मुहूर्त
11:36 – 12:31

अशुभ समय

राहुकाल
15:29 – 17:12
यमगंड
08:38 – 10:21
गुलिक काल
12:04 – 13:46

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:1206:21दिन
सूर्य06:2107:29दिन
शुक्र07:2908:38दिन
बुध08:3809:46दिन
चंद्र09:4610:55दिन
शनि10:5512:04दिन
गुरु12:0413:12दिन
मंगल13:1214:21दिन
सूर्य14:2115:29दिन
शुक्र15:2916:38दिन
बुध16:3817:46दिन
चंद्र17:4618:55दिन
शनि18:5519:46रात
गुरु19:4620:38रात
मंगल20:3821:29रात
सूर्य21:2922:21रात
शुक्र22:2123:12रात
बुध23:1200:04रात
चंद्र00:0400:55रात
शनि00:5501:46रात
गुरु01:4602:38रात
मंगल02:3803:29रात
सूर्य03:2904:21रात
शुक्र04:2105:12रात

अयनांश 24.2400° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।