3 जून 2027 को लखनऊ का चौघड़िया

गुरुवार, 3 जून 2027, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 3 जून 2027 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (06:35 तक), नक्षत्र भरणी (11:02 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 05:12 पर और सूर्यास्त 18:56 पर है। राहुकाल 13:47 से 15:30 तक है।

दिन और रात
दिन 05:12 – 18:56
रात 05:12 तक
तिथि
चतुर्दशी, 04:05 तक
नक्षत्र
भरणी, 11:02 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 जून 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:12 – 06:55शुभ
रोग06:55 – 08:38टालें
उद्वेग08:38 – 10:21टालें
चर10:21 – 12:04सामान्य
लाभ12:04 – 13:47शुभ
अमृत13:47 – 15:30शुभ
काल15:30 – 17:13टालें
शुभ17:13 – 18:56शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:56 – 20:13शुभ
चर20:13 – 21:30सामान्य
रोग21:30 – 22:47टालें
काल22:47 – 00:04टालें
लाभ00:04 – 01:21शुभ
उद्वेग01:21 – 02:38टालें
शुभ02:38 – 03:55शुभ
अमृत03:55 – 05:12शुभ

3 जून 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 06:35 तक
कृष्ण चतुर्दशी 04:05, 4 जून तक
अमावस्या 01:10, 5 जून तक
नक्षत्र
भरणी 11:02 तक
कृत्तिका 09:14, 4 जून तक
योग
अतिगंडअशुभ 19:05 तक
सुकर्मा 15:46, 4 जून तक
करण
वणिज 06:35 तक
विष्टि (भद्रा) 17:24 तक
शकुनि 04:05, 4 जून तक
चतुष्पद 14:40, 4 जून तक
चंद्र राशि
मेष 16:37 तक
सूर्य राशिवृषभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:12
सूर्यास्त
18:56
चंद्रोदय
03:25
चंद्रास्त
17:34
दिनमान
13h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:50 – 04:31
अभिजीत मुहूर्त
11:36 – 12:31

अशुभ समय

राहुकाल
13:47 – 15:30
यमगंड
05:12 – 06:55
गुलिक काल
08:38 – 10:21

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:1206:21दिन
मंगल06:2107:29दिन
सूर्य07:2908:38दिन
शुक्र08:3809:47दिन
बुध09:4710:55दिन
चंद्र10:5512:04दिन
शनि12:0413:13दिन
गुरु13:1314:21दिन
मंगल14:2115:30दिन
सूर्य15:3016:39दिन
शुक्र16:3917:47दिन
बुध17:4718:56दिन
चंद्र18:5619:47रात
शनि19:4720:39रात
गुरु20:3921:30रात
मंगल21:3022:21रात
सूर्य22:2123:13रात
शुक्र23:1300:04रात
बुध00:0400:55रात
चंद्र00:5501:46रात
शनि01:4602:38रात
गुरु02:3803:29रात
मंगल03:2904:20रात
सूर्य04:2005:12रात

अयनांश 24.2401° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।