12 जून 2027 को लखनऊ का चौघड़िया

शनिवार, 12 जून 2027, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 12 जून 2027 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (02:44, 13 जून तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (16:59 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 05:11 पर और सूर्यास्त 19:00 पर है। राहुकाल 08:38 से 10:22 तक है।

दिन और रात
दिन 05:11 – 19:00
रात 05:11 तक
तिथि
नवमी, 02:44 तक
दशमी
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 16:59 तक
हस्त
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 जून 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:11 – 06:55टालें
शुभ06:55 – 08:38शुभ
रोग08:38 – 10:22टालें
उद्वेग10:22 – 12:06टालें
चर12:06 – 13:49सामान्य
लाभ13:49 – 15:33शुभ
अमृत15:33 – 17:16शुभ
काल17:16 – 19:00टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ19:00 – 20:16शुभ
उद्वेग20:16 – 21:33टालें
शुभ21:33 – 22:49शुभ
अमृत22:49 – 00:06शुभ
चर00:06 – 01:22सामान्य
रोग01:22 – 02:39टालें
काल02:39 – 03:55टालें
लाभ03:55 – 05:11शुभ

12 जून 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल नवमी 02:44, 13 जून तक
शुक्ल दशमी 02:12, 14 जून तक
नक्षत्र
हस्त 17:00, 13 जून तक
योग
सिद्धि 10:48 तक
व्यतीपातअशुभ 09:05, 13 जून तक
करण
बालव 15:11 तक
कौलव 02:44, 13 जून तक
तैतिल 14:25, 13 जून तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृषभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:11
सूर्यास्त
19:00
चंद्रोदय
12:54
चंद्रास्त
00:19
दिनमान
13h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:50 – 04:31
अभिजीत मुहूर्त
11:38 – 12:33

अशुभ समय

राहुकाल
08:38 – 10:22
यमगंड
13:49 – 15:33
गुलिक काल
05:11 – 06:55

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:1106:20दिन
गुरु06:2007:29दिन
मंगल07:2908:38दिन
सूर्य08:3809:48दिन
शुक्र09:4810:57दिन
बुध10:5712:06दिन
चंद्र12:0613:15दिन
शनि13:1514:24दिन
गुरु14:2415:33दिन
मंगल15:3316:42दिन
सूर्य16:4217:51दिन
शुक्र17:5119:00दिन
बुध19:0019:51रात
चंद्र19:5120:42रात
शनि20:4221:33रात
गुरु21:3322:24रात
मंगल22:2423:15रात
सूर्य23:1500:06रात
शुक्र00:0600:57रात
बुध00:5701:48रात
चंद्र01:4802:39रात
शनि02:3903:29रात
गुरु03:2904:20रात
मंगल04:2005:11रात

अयनांश 24.2404° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।