18 जून 2027 को लखनऊ का चौघड़िया

शुक्रवार, 18 जून 2027, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 18 जून 2027 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (06:14, 19 जून तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (23:40 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 05:12 पर और सूर्यास्त 19:02 पर है। राहुकाल 10:23 से 12:07 तक है।

दिन और रात
दिन 05:12 – 19:02
रात 05:12 तक
तिथि
पूर्णिमा
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 23:40 तक
मूल
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 जून 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:12 – 06:56सामान्य
लाभ06:56 – 08:39शुभ
अमृत08:39 – 10:23शुभ
काल10:23 – 12:07टालें
शुभ12:07 – 13:51शुभ
रोग13:51 – 15:34टालें
उद्वेग15:34 – 17:18टालें
चर17:18 – 19:02सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग19:02 – 20:18टालें
काल20:18 – 21:34टालें
लाभ21:34 – 22:51शुभ
उद्वेग22:51 – 00:07टालें
शुभ00:07 – 01:23शुभ
अमृत01:23 – 02:40शुभ
चर02:40 – 03:56सामान्य
रोग03:56 – 05:12टालें

18 जून 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
पूर्णिमा 06:14, 19 जून तक
नक्षत्र
मूल 02:13, 20 जून तक
योग
साध्य 05:56 तक
शुभ 06:18, 19 जून तक
करण
विष्टि (भद्रा) 17:21 तक
बव 06:14, 19 जून तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:12
सूर्यास्त
19:02
चंद्रोदय
18:43
चंद्रास्त
04:12
दिनमान
13h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:51 – 04:31
अभिजीत मुहूर्त
11:39 – 12:34

अशुभ समय

राहुकाल
10:23 – 12:07
यमगंड
15:34 – 17:18
गुलिक काल
06:56 – 08:39

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:1206:21दिन
बुध06:2107:30दिन
चंद्र07:3008:39दिन
शनि08:3909:49दिन
गुरु09:4910:58दिन
मंगल10:5812:07दिन
सूर्य12:0713:16दिन
शुक्र13:1614:25दिन
बुध14:2515:34दिन
चंद्र15:3416:43दिन
शनि16:4317:52दिन
गुरु17:5219:02दिन
मंगल19:0219:52रात
सूर्य19:5220:43रात
शुक्र20:4321:34रात
बुध21:3422:25रात
चंद्र22:2523:16रात
शनि23:1600:07रात
गुरु00:0700:58रात
मंगल00:5801:49रात
सूर्य01:4902:40रात
शुक्र02:4003:30रात
बुध03:3004:21रात
चंद्र04:2105:12रात

अयनांश 24.2407° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।