5 जुलाई 2027 को लखनऊ का चौघड़िया

सोमवार, 5 जुलाई 2027, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 5 जुलाई 2027 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (01:14, 6 जुल॰ तक), नक्षत्र पुनर्वसु (09:19 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 05:17 पर और सूर्यास्त 19:04 पर है। राहुकाल 07:00 से 08:44 तक है।

दिन और रात
दिन 05:17 – 19:04
रात 05:17 तक
तिथि
द्वितीया, 01:14 तक
तृतीया
नक्षत्र
पुनर्वसु, 09:19 तक
पुष्य
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 जुलाई 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:17 – 07:00शुभ
काल07:00 – 08:44टालें
शुभ08:44 – 10:27शुभ
रोग10:27 – 12:10टालें
उद्वेग12:10 – 13:54टालें
चर13:54 – 15:37सामान्य
लाभ15:37 – 17:20शुभ
अमृत17:20 – 19:04शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:04 – 20:20सामान्य
रोग20:20 – 21:37टालें
काल21:37 – 22:54टालें
लाभ22:54 – 00:10शुभ
उद्वेग00:10 – 01:27टालें
शुभ01:27 – 02:44शुभ
अमृत02:44 – 04:01शुभ
चर04:01 – 05:17सामान्य

5 जुलाई 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 01:14, 6 जुल॰ तक
शुक्ल तृतीया 21:49, 6 जुल॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 06:34, 6 जुल॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 11:16 तक
हर्षण 07:15, 6 जुल॰ तक
करण
बालव 15:01 तक
कौलव 01:14, 6 जुल॰ तक
तैतिल 11:29, 6 जुल॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:17
सूर्यास्त
19:04
चंद्रोदय
06:19
चंद्रास्त
20:21
दिनमान
13h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:55 – 04:36
अभिजीत मुहूर्त
11:43 – 12:38

अशुभ समय

राहुकाल
07:00 – 08:44
यमगंड
10:27 – 12:10
गुलिक काल
13:54 – 15:37

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:1706:26दिन
शनि06:2607:35दिन
गुरु07:3508:44दिन
मंगल08:4409:52दिन
सूर्य09:5211:01दिन
शुक्र11:0112:10दिन
बुध12:1013:19दिन
चंद्र13:1914:28दिन
शनि14:2815:37दिन
गुरु15:3716:46दिन
मंगल16:4617:55दिन
सूर्य17:5519:04दिन
शुक्र19:0419:55रात
बुध19:5520:46रात
चंद्र20:4621:37रात
शनि21:3722:28रात
गुरु22:2823:19रात
मंगल23:1900:10रात
सूर्य00:1001:02रात
शुक्र01:0201:53रात
बुध01:5302:44रात
चंद्र02:4403:35रात
शनि03:3504:26रात
गुरु04:2605:17रात

अयनांश 24.2413° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।