4 अगस्त 2027 को लखनऊ का चौघड़िया

बुधवार, 4 अगस्त 2027, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 4 अगस्त 2027 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (08:20 तक), नक्षत्र मघा (11:36 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 05:32 पर और सूर्यास्त 18:52 पर है। राहुकाल 12:12 से 13:52 तक है।

दिन और रात
दिन 05:32 – 18:52
रात 05:32 तक
तिथि
तृतीया, 05:09 तक
नक्षत्र
मघा, 11:36 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 अगस्त 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:32 – 07:12शुभ
अमृत07:12 – 08:52शुभ
काल08:52 – 10:32टालें
शुभ10:32 – 12:12शुभ
रोग12:12 – 13:52टालें
उद्वेग13:52 – 15:32टालें
चर15:32 – 17:12सामान्य
लाभ17:12 – 18:52शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:52 – 20:12टालें
शुभ20:12 – 21:32शुभ
अमृत21:32 – 22:52शुभ
चर22:52 – 00:12सामान्य
रोग00:12 – 01:32टालें
काल01:32 – 02:52टालें
लाभ02:52 – 04:12शुभ
उद्वेग04:12 – 05:32टालें

4 अगस्त 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 08:20 तक
शुक्ल तृतीया 05:09, 5 अग॰ तक
शुक्ल चतुर्थी 02:27, 6 अग॰ तक
नक्षत्र
मघा 11:36 तक
योग
वरीयान 10:27 तक
परिघअशुभ 06:48, 5 अग॰ तक
करण
कौलव 08:20 तक
तैतिल 18:41 तक
गर 05:09, 5 अग॰ तक
वणिज 15:44, 5 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकर्क
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:32
सूर्यास्त
18:52
चंद्रोदय
07:25
चंद्रास्त
20:14
दिनमान
13h 20m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:06 – 04:49
अभिजीत मुहूर्त
11:45 – 12:38 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:12 – 13:52
यमगंड
07:12 – 08:52
गुलिक काल
10:32 – 12:12

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:3206:38दिन
चंद्र06:3807:45दिन
शनि07:4508:52दिन
गुरु08:5209:58दिन
मंगल09:5811:05दिन
सूर्य11:0512:12दिन
शुक्र12:1213:18दिन
बुध13:1814:25दिन
चंद्र14:2515:32दिन
शनि15:3216:38दिन
गुरु16:3817:45दिन
मंगल17:4518:52दिन
सूर्य18:5219:45रात
शुक्र19:4520:39रात
बुध20:3921:32रात
चंद्र21:3222:25रात
शनि22:2523:19रात
गुरु23:1900:12रात
मंगल00:1201:05रात
सूर्य01:0501:59रात
शुक्र01:5902:52रात
बुध02:5203:45रात
चंद्र03:4504:39रात
शनि04:3905:32रात

अयनांश 24.2424° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।