22 अगस्त 2027 को लखनऊ का चौघड़िया

रविवार, 22 अगस्त 2027, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 22 अगस्त 2027 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (20:46 तक), नक्षत्र रेवती (11:11 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 05:40 पर और सूर्यास्त 18:37 पर है। राहुकाल 17:00 से 18:37 तक है।

दिन और रात
दिन 05:40 – 18:37
रात 05:41 तक
तिथि
पंचमी, 20:46 तक
षष्ठी
नक्षत्र
रेवती, 11:11 तक
अश्विनी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 अगस्त 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:40 – 07:17टालें
चर07:17 – 08:54सामान्य
लाभ08:54 – 10:32शुभ
अमृत10:32 – 12:09शुभ
काल12:09 – 13:46टालें
शुभ13:46 – 15:23शुभ
रोग15:23 – 17:00टालें
उद्वेग17:00 – 18:37टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:37 – 20:00शुभ
अमृत20:00 – 21:23शुभ
चर21:23 – 22:46सामान्य
रोग22:46 – 00:09टालें
काल00:09 – 01:32टालें
लाभ01:32 – 02:55शुभ
उद्वेग02:55 – 04:18टालें
शुभ04:18 – 05:41शुभ

22 अगस्त 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 20:46 तक
कृष्ण षष्ठी 20:53, 23 अग॰ तक
नक्षत्र
रेवती 11:11 तक
अश्विनी 12:11, 23 अग॰ तक
योग
गंडअशुभ 02:19, 23 अग॰ तक
वृद्धि 01:18, 24 अग॰ तक
करण
कौलव 08:29 तक
तैतिल 20:46 तक
गर 08:54, 23 अग॰ तक
चंद्र राशि
मीन 11:11 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:40
सूर्यास्त
18:37
चंद्रोदय
21:12
चंद्रास्त
09:52
दिनमान
12h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:12 – 04:56
अभिजीत मुहूर्त
11:43 – 12:34

अशुभ समय

राहुकाल
17:00 – 18:37
यमगंड
12:09 – 13:46
गुलिक काल
15:23 – 17:00

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:4006:45दिन
शुक्र06:4507:50दिन
बुध07:5008:54दिन
चंद्र08:5409:59दिन
शनि09:5911:04दिन
गुरु11:0412:09दिन
मंगल12:0913:13दिन
सूर्य13:1314:18दिन
शुक्र14:1815:23दिन
बुध15:2316:27दिन
चंद्र16:2717:32दिन
शनि17:3218:37दिन
गुरु18:3719:32रात
मंगल19:3220:27रात
सूर्य20:2721:23रात
शुक्र21:2322:18रात
बुध22:1823:13रात
चंद्र23:1300:09रात
शनि00:0901:04रात
गुरु01:0401:59रात
मंगल01:5902:55रात
सूर्य02:5503:50रात
शुक्र03:5004:46रात
बुध04:4605:41रात

अयनांश 24.2431° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।