27 अगस्त 2027 को लखनऊ का चौघड़िया

शुक्रवार, 27 अगस्त 2027, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 27 अगस्त 2027 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (15:25 तक), नक्षत्र मृगशिरा (10:22 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 05:43 पर और सूर्यास्त 18:32 पर है। राहुकाल 10:31 से 12:07 तक है।

दिन और रात
दिन 05:43 – 18:32
रात 05:43 तक
तिथि
दशमी, 15:25 तक
एकादशी
नक्षत्र
मृगशिरा, 10:22 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 अगस्त 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:43 – 07:19सामान्य
लाभ07:19 – 08:55शुभ
अमृत08:55 – 10:31शुभ
काल10:31 – 12:07टालें
शुभ12:07 – 13:43शुभ
रोग13:43 – 15:19टालें
उद्वेग15:19 – 16:56टालें
चर16:56 – 18:32सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:32 – 19:56टालें
काल19:56 – 21:20टालें
लाभ21:20 – 22:43शुभ
उद्वेग22:43 – 00:07टालें
शुभ00:07 – 01:31शुभ
अमृत01:31 – 02:55शुभ
चर02:55 – 04:19सामान्य
रोग04:19 – 05:43टालें

27 अगस्त 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण दशमी 15:25 तक
कृष्ण एकादशी 12:42, 28 अग॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 08:32, 28 अग॰ तक
योग
वज्रअशुभ 16:26 तक
सिद्धि 13:07, 28 अग॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 15:25 तक
बव 02:07, 28 अग॰ तक
बालव 12:42, 28 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:43
सूर्यास्त
18:32
चंद्रोदय
00:25
चंद्रास्त
14:58
दिनमान
12h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:13 – 04:58
अभिजीत मुहूर्त
11:42 – 12:33

अशुभ समय

राहुकाल
10:31 – 12:07
यमगंड
15:19 – 16:56
गुलिक काल
07:19 – 08:55

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:4306:47दिन
बुध06:4707:51दिन
चंद्र07:5108:55दिन
शनि08:5509:59दिन
गुरु09:5911:03दिन
मंगल11:0312:07दिन
सूर्य12:0713:11दिन
शुक्र13:1114:15दिन
बुध14:1515:19दिन
चंद्र15:1916:23दिन
शनि16:2317:28दिन
गुरु17:2818:32दिन
मंगल18:3219:28रात
सूर्य19:2820:24रात
शुक्र20:2421:20रात
बुध21:2022:15रात
चंद्र22:1523:11रात
शनि23:1100:07रात
गुरु00:0701:03रात
मंगल01:0301:59रात
सूर्य01:5902:55रात
शुक्र02:5503:51रात
बुध03:5104:47रात
चंद्र04:4705:43रात

अयनांश 24.2433° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।