20 मई 2028 को लखनऊ का चौघड़िया

शनिवार, 20 मई 2028, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 20 मई 2028 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (12:01 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (10:21 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 05:16 पर और सूर्यास्त 18:49 पर है। राहुकाल 08:39 से 10:21 तक है।

दिन और रात
दिन 05:16 – 18:49
रात 05:15 तक
तिथि
एकादशी, 12:01 तक
द्वादशी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 10:21 तक
रेवती
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 मई 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:16 – 06:57टालें
शुभ06:57 – 08:39शुभ
रोग08:39 – 10:21टालें
उद्वेग10:21 – 12:02टालें
चर12:02 – 13:44सामान्य
लाभ13:44 – 15:26शुभ
अमृत15:26 – 17:07शुभ
काल17:07 – 18:49टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:49 – 20:07शुभ
उद्वेग20:07 – 21:26टालें
शुभ21:26 – 22:44शुभ
अमृत22:44 – 00:02शुभ
चर00:02 – 01:20सामान्य
रोग01:20 – 02:39टालें
काल02:39 – 03:57टालें
लाभ03:57 – 05:15शुभ

20 मई 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 12:01 तक
कृष्ण द्वादशी 13:19, 21 मई तक
नक्षत्र
रेवती 12:18, 21 मई तक
योग
प्रीति 18:37 तक
आयुष्मान 18:33, 21 मई तक
करण
बालव 12:01 तक
कौलव 00:44, 21 मई तक
तैतिल 13:19, 21 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृषभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:16
सूर्यास्त
18:49
चंद्रोदय
02:17
चंद्रास्त
15:13
दिनमान
13h 33m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:52 – 04:34
अभिजीत मुहूर्त
11:35 – 12:30

अशुभ समय

राहुकाल
08:39 – 10:21
यमगंड
13:44 – 15:26
गुलिक काल
05:16 – 06:57

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:1606:23दिन
गुरु06:2307:31दिन
मंगल07:3108:39दिन
सूर्य08:3909:47दिन
शुक्र09:4710:55दिन
बुध10:5512:02दिन
चंद्र12:0213:10दिन
शनि13:1014:18दिन
गुरु14:1815:26दिन
मंगल15:2616:34दिन
सूर्य16:3417:41दिन
शुक्र17:4118:49दिन
बुध18:4919:41रात
चंद्र19:4120:33रात
शनि20:3321:26रात
गुरु21:2622:18रात
मंगल22:1823:10रात
सूर्य23:1000:02रात
शुक्र00:0200:54रात
बुध00:5401:47रात
चंद्र01:4702:39रात
शनि02:3903:31रात
गुरु03:3104:23रात
मंगल04:2305:15रात

अयनांश 24.2535° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।