16 जून 2028 को लखनऊ का चौघड़िया

शुक्रवार, 16 जून 2028, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 16 जून 2028 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (01:02, 17 जून तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (18:37 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 05:12 पर और सूर्यास्त 19:01 पर है। राहुकाल 10:23 से 12:07 तक है।

दिन और रात
दिन 05:12 – 19:01
रात 05:12 तक
तिथि
नवमी, 01:02 तक
दशमी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 18:37 तक
रेवती
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 जून 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:12 – 06:55सामान्य
लाभ06:55 – 08:39शुभ
अमृत08:39 – 10:23शुभ
काल10:23 – 12:07टालें
शुभ12:07 – 13:50शुभ
रोग13:50 – 15:34टालें
उद्वेग15:34 – 17:18टालें
चर17:18 – 19:01सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग19:01 – 20:18टालें
काल20:18 – 21:34टालें
लाभ21:34 – 22:50शुभ
उद्वेग22:50 – 00:07टालें
शुभ00:07 – 01:23शुभ
अमृत01:23 – 02:39शुभ
चर02:39 – 03:56सामान्य
रोग03:56 – 05:12टालें

16 जून 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण नवमी 01:02, 17 जून तक
कृष्ण दशमी 02:27, 18 जून तक
नक्षत्र
रेवती 20:49, 17 जून तक
योग
सौभाग्य 03:49, 17 जून तक
शोभन 03:58, 18 जून तक
करण
तैतिल 12:06 तक
गर 01:02, 17 जून तक
वणिज 13:49, 17 जून तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:12
सूर्यास्त
19:01
चंद्रोदय
00:16
चंद्रास्त
13:03
दिनमान
13h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:50 – 04:31
अभिजीत मुहूर्त
11:39 – 12:34

अशुभ समय

राहुकाल
10:23 – 12:07
यमगंड
15:34 – 17:18
गुलिक काल
06:55 – 08:39

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:1206:21दिन
बुध06:2107:30दिन
चंद्र07:3008:39दिन
शनि08:3909:48दिन
गुरु09:4810:57दिन
मंगल10:5712:07दिन
सूर्य12:0713:16दिन
शुक्र13:1614:25दिन
बुध14:2515:34दिन
चंद्र15:3416:43दिन
शनि16:4317:52दिन
गुरु17:5219:01दिन
मंगल19:0119:52रात
सूर्य19:5220:43रात
शुक्र20:4321:34रात
बुध21:3422:25रात
चंद्र22:2523:16रात
शनि23:1600:07रात
गुरु00:0700:57रात
मंगल00:5701:48रात
सूर्य01:4802:39रात
शुक्र02:3903:30रात
बुध03:3004:21रात
चंद्र04:2105:12रात

अयनांश 24.2546° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।