22 जून 2028 को लखनऊ का चौघड़िया

गुरुवार, 22 जून 2028, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 22 जून 2028 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (23:57 तक), नक्षत्र मृगशिरा (22:22 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 05:13 पर और सूर्यास्त 19:03 पर है। राहुकाल 13:52 से 15:35 तक है।

दिन और रात
दिन 05:13 – 19:03
रात 05:13 तक
तिथि
अमावस्या, 23:57 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
मृगशिरा, 22:22 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 जून 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:13 – 06:57शुभ
रोग06:57 – 08:40टालें
उद्वेग08:40 – 10:24टालें
चर10:24 – 12:08सामान्य
लाभ12:08 – 13:52शुभ
अमृत13:52 – 15:35शुभ
काल15:35 – 17:19टालें
शुभ17:19 – 19:03शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत19:03 – 20:19शुभ
चर20:19 – 21:35सामान्य
रोग21:35 – 22:52टालें
काल22:52 – 00:08टालें
लाभ00:08 – 01:24शुभ
उद्वेग01:24 – 02:41टालें
शुभ02:41 – 03:57शुभ
अमृत03:57 – 05:13शुभ

22 जून 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
अमावस्या 23:57 तक
शुक्ल प्रतिपदा 21:52, 23 जून तक
नक्षत्र
आर्द्रा 21:05, 23 जून तक
योग
गंडअशुभ 20:59 तक
वृद्धि 18:18, 23 जून तक
करण
चतुष्पद 12:51 तक
नाग 23:57 तक
किंस्तुघ्न 10:57, 23 जून तक
चंद्र राशि
वृषभ 10:52 तक
सूर्य राशिमिथुन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:13
सूर्यास्त
19:03
चंद्रोदय
04:25
चंद्रास्त
18:51
दिनमान
13h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:52 – 04:32
अभिजीत मुहूर्त
11:40 – 12:35

अशुभ समय

राहुकाल
13:52 – 15:35
यमगंड
05:13 – 06:57
गुलिक काल
08:40 – 10:24

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:1306:22दिन
मंगल06:2207:31दिन
सूर्य07:3108:40दिन
शुक्र08:4009:50दिन
बुध09:5010:59दिन
चंद्र10:5912:08दिन
शनि12:0813:17दिन
गुरु13:1714:26दिन
मंगल14:2615:35दिन
सूर्य15:3516:44दिन
शुक्र16:4417:54दिन
बुध17:5419:03दिन
चंद्र19:0319:54रात
शनि19:5420:44रात
गुरु20:4421:35रात
मंगल21:3522:26रात
सूर्य22:2623:17रात
शुक्र23:1700:08रात
बुध00:0800:59रात
चंद्र00:5901:50रात
शनि01:5002:41रात
गुरु02:4103:31रात
मंगल03:3104:22रात
सूर्य04:2205:13रात

अयनांश 24.2548° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।