4 अप्रैल 2029 को लखनऊ का चौघड़िया

बुधवार, 4 अप्रैल 2029, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 4 अप्रैल 2029 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (14:05 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (09:30 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 05:53 पर और सूर्यास्त 18:24 पर है। राहुकाल 12:09 से 13:43 तक है।

दिन और रात
दिन 05:53 – 18:24
रात 05:52 तक
तिथि
षष्ठी, 14:05 तक
सप्तमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 09:30 तक
मूल
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:53 – 07:27शुभ
अमृत07:27 – 09:01शुभ
काल09:01 – 10:35टालें
शुभ10:35 – 12:09शुभ
रोग12:09 – 13:43टालें
उद्वेग13:43 – 15:17टालें
चर15:17 – 16:50सामान्य
लाभ16:50 – 18:24शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:24 – 19:50टालें
शुभ19:50 – 21:16शुभ
अमृत21:16 – 22:42शुभ
चर22:42 – 00:08सामान्य
रोग00:08 – 01:34टालें
काल01:34 – 03:00टालें
लाभ03:00 – 04:26शुभ
उद्वेग04:26 – 05:52टालें

4 अप्रैल 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 14:05 तक
कृष्ण सप्तमी 13:24, 5 अप्रैल तक
नक्षत्र
मूल 09:21, 5 अप्रैल तक
योग
वरीयान 01:25, 5 अप्रैल तक
परिघअशुभ 00:04, 6 अप्रैल तक
करण
वणिज 14:05 तक
विष्टि (भद्रा) 01:38, 5 अप्रैल तक
बव 13:24, 5 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:53
सूर्यास्त
18:24
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
09:56
दिनमान
12h 31m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
अधिक चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
अधिक चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:21 – 05:07
अभिजीत मुहूर्त
11:44 – 12:34 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:09 – 13:43
यमगंड
07:27 – 09:01
गुलिक काल
10:35 – 12:09

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:5306:56दिन
चंद्र06:5607:59दिन
शनि07:5909:01दिन
गुरु09:0110:04दिन
मंगल10:0411:06दिन
सूर्य11:0612:09दिन
शुक्र12:0913:11दिन
बुध13:1114:14दिन
चंद्र14:1415:17दिन
शनि15:1716:19दिन
गुरु16:1917:22दिन
मंगल17:2218:24दिन
सूर्य18:2419:22रात
शुक्र19:2220:19रात
बुध20:1921:16रात
चंद्र21:1622:14रात
शनि22:1423:11रात
गुरु23:1100:08रात
मंगल00:0801:06रात
सूर्य01:0602:03रात
शुक्र02:0303:00रात
बुध03:0003:58रात
चंद्र03:5804:55रात
शनि04:5505:52रात

अयनांश 24.2657° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।