6 अप्रैल 2029 को लखनऊ का चौघड़िया

शुक्रवार, 6 अप्रैल 2029, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 6 अप्रैल 2029 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (13:30 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (09:59 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 05:51 पर और सूर्यास्त 18:25 पर है। राहुकाल 10:34 से 12:08 तक है।

दिन और रात
दिन 05:51 – 18:25
रात 05:50 तक
तिथि
अष्टमी, 13:30 तक
नवमी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 09:59 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:51 – 07:25सामान्य
लाभ07:25 – 09:00शुभ
अमृत09:00 – 10:34शुभ
काल10:34 – 12:08टालें
शुभ12:08 – 13:43शुभ
रोग13:43 – 15:17टालें
उद्वेग15:17 – 16:51टालें
चर16:51 – 18:25सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:25 – 19:51टालें
काल19:51 – 21:17टालें
लाभ21:17 – 22:42शुभ
उद्वेग22:42 – 00:08टालें
शुभ00:08 – 01:33शुभ
अमृत01:33 – 02:59शुभ
चर02:59 – 04:25सामान्य
रोग04:25 – 05:50टालें

6 अप्रैल 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 13:30 तक
कृष्ण नवमी 14:20, 7 अप्रैल तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 11:20, 7 अप्रैल तक
योग
शिव 23:20 तक
सिद्ध 23:07, 7 अप्रैल तक
करण
कौलव 13:30 तक
तैतिल 01:50, 7 अप्रैल तक
गर 14:20, 7 अप्रैल तक
चंद्र राशि
धनु 16:16 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:51
सूर्यास्त
18:25
चंद्रोदय
01:05
चंद्रास्त
11:56
दिनमान
12h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
अधिक चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
अधिक चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:20 – 05:05
अभिजीत मुहूर्त
11:43 – 12:33

अशुभ समय

राहुकाल
10:34 – 12:08
यमगंड
15:17 – 16:51
गुलिक काल
07:25 – 09:00

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:5106:54दिन
बुध06:5407:57दिन
चंद्र07:5709:00दिन
शनि09:0010:03दिन
गुरु10:0311:05दिन
मंगल11:0512:08दिन
सूर्य12:0813:11दिन
शुक्र13:1114:14दिन
बुध14:1415:17दिन
चंद्र15:1716:20दिन
शनि16:2017:23दिन
गुरु17:2318:25दिन
मंगल18:2519:22रात
सूर्य19:2220:19रात
शुक्र20:1921:17रात
बुध21:1722:14रात
चंद्र22:1423:11रात
शनि23:1100:08रात
गुरु00:0801:05रात
मंगल01:0502:02रात
सूर्य02:0202:59रात
शुक्र02:5903:56रात
बुध03:5604:53रात
चंद्र04:5305:50रात

अयनांश 24.2658° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।