12 अप्रैल 2029 को लखनऊ का चौघड़िया

गुरुवार, 12 अप्रैल 2029, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 12 अप्रैल 2029 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (00:42, 13 अप्रैल तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (00:15, 13 अप्रैल तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 05:45 पर और सूर्यास्त 18:28 पर है। राहुकाल 13:42 से 15:18 तक है।

दिन और रात
दिन 05:45 – 18:28
रात 05:44 तक
तिथि
चतुर्दशी, 00:42 तक
अमावस्या
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 00:15 तक
रेवती
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:45 – 07:20शुभ
रोग07:20 – 08:56टालें
उद्वेग08:56 – 10:31टालें
चर10:31 – 12:07सामान्य
लाभ12:07 – 13:42शुभ
अमृत13:42 – 15:18शुभ
काल15:18 – 16:53टालें
शुभ16:53 – 18:28शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:28 – 19:53शुभ
चर19:53 – 21:17सामान्य
रोग21:17 – 22:42टालें
काल22:42 – 00:06टालें
लाभ00:06 – 01:31शुभ
उद्वेग01:31 – 02:55टालें
शुभ02:55 – 04:20शुभ
अमृत04:20 – 05:44शुभ

12 अप्रैल 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 00:42, 13 अप्रैल तक
अमावस्या 03:10, 14 अप्रैल तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 00:15, 13 अप्रैल तक
रेवती 03:13, 14 अप्रैल तक
योग
इंद्र 02:22, 13 अप्रैल तक
वैधृतिअशुभ 03:16, 14 अप्रैल तक
करण
विष्टि (भद्रा) 11:28 तक
शकुनि 00:42, 13 अप्रैल तक
चतुष्पद 13:56, 13 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:45
सूर्यास्त
18:28
चंद्रोदय
04:31
चंद्रास्त
17:16
दिनमान
12h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
अधिक चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
अधिक चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:15 – 05:00
अभिजीत मुहूर्त
11:41 – 12:32

अशुभ समय

राहुकाल
13:42 – 15:18
यमगंड
05:45 – 07:20
गुलिक काल
08:56 – 10:31

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:4506:49दिन
मंगल06:4907:52दिन
सूर्य07:5208:56दिन
शुक्र08:5609:59दिन
बुध09:5911:03दिन
चंद्र11:0312:07दिन
शनि12:0713:10दिन
गुरु13:1014:14दिन
मंगल14:1415:18दिन
सूर्य15:1816:21दिन
शुक्र16:2117:25दिन
बुध17:2518:28दिन
चंद्र18:2819:25रात
शनि19:2520:21रात
गुरु20:2121:17रात
मंगल21:1722:14रात
सूर्य22:1423:10रात
शुक्र23:1000:06रात
बुध00:0601:02रात
चंद्र01:0201:59रात
शनि01:5902:55रात
गुरु02:5503:51रात
मंगल03:5104:48रात
सूर्य04:4805:44रात

अयनांश 24.2660° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।