26 जुलाई 2029 को लखनऊ का चौघड़िया

गुरुवार, 26 जुलाई 2029, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 26 जुलाई 2029 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (18:48 तक), नक्षत्र श्रवण (22:04 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 05:27 पर और सूर्यास्त 18:57 पर है। राहुकाल 13:53 से 15:35 तक है।

दिन और रात
दिन 05:27 – 18:57
रात 05:28 तक
तिथि
प्रतिपदा, 18:48 तक
द्वितीया
नक्षत्र
श्रवण, 22:04 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 जुलाई 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:27 – 07:08शुभ
रोग07:08 – 08:50टालें
उद्वेग08:50 – 10:31टालें
चर10:31 – 12:12सामान्य
लाभ12:12 – 13:53शुभ
अमृत13:53 – 15:35शुभ
काल15:35 – 17:16टालें
शुभ17:16 – 18:57शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:57 – 20:16शुभ
चर20:16 – 21:35सामान्य
रोग21:35 – 22:54टालें
काल22:54 – 00:12टालें
लाभ00:12 – 01:31शुभ
उद्वेग01:31 – 02:50टालें
शुभ02:50 – 04:09शुभ
अमृत04:09 – 05:28शुभ

26 जुलाई 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 18:48 तक
कृष्ण द्वितीया 19:02, 27 जुल॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 22:04 तक
धनिष्ठा 23:05, 27 जुल॰ तक
योग
प्रीति 11:07 तक
आयुष्मान 10:10, 27 जुल॰ तक
करण
बालव 06:53 तक
कौलव 18:48 तक
तैतिल 06:51, 27 जुल॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकर्क
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:27
सूर्यास्त
18:57
चंद्रोदय
19:24
चंद्रास्त
06:00
दिनमान
13h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:03 – 04:45
अभिजीत मुहूर्त
11:45 – 12:39

अशुभ समय

राहुकाल
13:53 – 15:35
यमगंड
05:27 – 07:08
गुलिक काल
08:50 – 10:31

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:2706:35दिन
मंगल06:3507:42दिन
सूर्य07:4208:50दिन
शुक्र08:5009:57दिन
बुध09:5711:05दिन
चंद्र11:0512:12दिन
शनि12:1213:20दिन
गुरु13:2014:27दिन
मंगल14:2715:35दिन
सूर्य15:3516:42दिन
शुक्र16:4217:50दिन
बुध17:5018:57दिन
चंद्र18:5719:50रात
शनि19:5020:42रात
गुरु20:4221:35रात
मंगल21:3522:27रात
सूर्य22:2723:20रात
शुक्र23:2000:12रात
बुध00:1201:05रात
चंद्र01:0501:57रात
शनि01:5702:50रात
गुरु02:5003:43रात
मंगल03:4304:35रात
सूर्य04:3505:28रात

अयनांश 24.2701° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।