31 जुलाई 2029 को लखनऊ का चौघड़िया

मंगलवार, 31 जुलाई 2029, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 31 जुलाई 2029 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (01:11, 1 अग॰ तक), नक्षत्र रेवती (08:03, 1 अग॰ तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 05:30 पर और सूर्यास्त 18:54 पर है। राहुकाल 15:33 से 17:14 तक है।

दिन और रात
दिन 05:30 – 18:54
रात 05:30 तक
तिथि
षष्ठी, 01:11 तक
सप्तमी
नक्षत्र
रेवती
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 जुलाई 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:30 – 07:10टालें
उद्वेग07:10 – 08:51टालें
चर08:51 – 10:31सामान्य
लाभ10:31 – 12:12शुभ
अमृत12:12 – 13:52शुभ
काल13:52 – 15:33टालें
शुभ15:33 – 17:14शुभ
रोग17:14 – 18:54टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:54 – 20:14टालें
लाभ20:14 – 21:33शुभ
उद्वेग21:33 – 22:53टालें
शुभ22:53 – 00:12शुभ
अमृत00:12 – 01:32शुभ
चर01:32 – 02:51सामान्य
रोग02:51 – 04:11टालें
काल04:11 – 05:30टालें

31 जुलाई 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 01:11, 1 अग॰ तक
कृष्ण सप्तमी 03:34, 2 अग॰ तक
नक्षत्र
रेवती 08:03, 1 अग॰ तक
योग
सुकर्मा 10:32 तक
धृति 11:24, 1 अग॰ तक
करण
गर 12:03 तक
वणिज 01:11, 1 अग॰ तक
विष्टि (भद्रा) 14:22, 1 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकर्क
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:30
सूर्यास्त
18:54
चंद्रोदय
22:06
चंद्रास्त
10:31
दिनमान
13h 24m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:05 – 04:47
अभिजीत मुहूर्त
11:45 – 12:39

अशुभ समय

राहुकाल
15:33 – 17:14
यमगंड
08:51 – 10:31
गुलिक काल
12:12 – 13:52

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:3006:37दिन
सूर्य06:3707:44दिन
शुक्र07:4408:51दिन
बुध08:5109:58दिन
चंद्र09:5811:05दिन
शनि11:0512:12दिन
गुरु12:1213:19दिन
मंगल13:1914:26दिन
सूर्य14:2615:33दिन
शुक्र15:3316:40दिन
बुध16:4017:47दिन
चंद्र17:4718:54दिन
शनि18:5419:47रात
गुरु19:4720:40रात
मंगल20:4021:33रात
सूर्य21:3322:26रात
शुक्र22:2623:19रात
बुध23:1900:12रात
चंद्र00:1201:05रात
शनि01:0501:58रात
गुरु01:5802:51रात
मंगल02:5103:44रात
सूर्य03:4404:37रात
शुक्र04:3705:30रात

अयनांश 24.2703° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।