22 अगस्त 2029 को लखनऊ का चौघड़िया

बुधवार, 22 अगस्त 2029, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 22 अगस्त 2029 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (06:39 तक), नक्षत्र श्रवण (05:39, 23 अग॰ तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 05:41 पर और सूर्यास्त 18:36 पर है। राहुकाल 12:08 से 13:45 तक है।

दिन और रात
दिन 05:41 – 18:36
रात 05:41 तक
तिथि
चतुर्दशी
नक्षत्र
श्रवण, 05:39 तक
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 अगस्त 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:41 – 07:18शुभ
अमृत07:18 – 08:55शुभ
काल08:55 – 10:31टालें
शुभ10:31 – 12:08शुभ
रोग12:08 – 13:45टालें
उद्वेग13:45 – 15:22टालें
चर15:22 – 16:59सामान्य
लाभ16:59 – 18:36शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:36 – 19:59टालें
शुभ19:59 – 21:22शुभ
अमृत21:22 – 22:45शुभ
चर22:45 – 00:09सामान्य
रोग00:09 – 01:32टालें
काल01:32 – 02:55टालें
लाभ02:55 – 04:18शुभ
उद्वेग04:18 – 05:41टालें

22 अगस्त 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 06:39 तक
शुक्ल चतुर्दशी 06:48, 23 अग॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 05:39, 23 अग॰ तक
धनिष्ठा 06:51, 24 अग॰ तक
योग
सौभाग्य 19:24 तक
शोभन 18:40, 23 अग॰ तक
करण
तैतिल 06:39 तक
गर 18:40 तक
वणिज 06:48, 23 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:41
सूर्यास्त
18:36
चंद्रोदय
17:22
चंद्रास्त
03:49
दिनमान
12h 55m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:12 – 04:56
अभिजीत मुहूर्त
11:43 – 12:34 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:08 – 13:45
यमगंड
07:18 – 08:55
गुलिक काल
10:31 – 12:08

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:4106:45दिन
चंद्र06:4507:50दिन
शनि07:5008:55दिन
गुरु08:5509:59दिन
मंगल09:5911:04दिन
सूर्य11:0412:08दिन
शुक्र12:0813:13दिन
बुध13:1314:18दिन
चंद्र14:1815:22दिन
शनि15:2216:27दिन
गुरु16:2717:31दिन
मंगल17:3118:36दिन
सूर्य18:3619:32रात
शुक्र19:3220:27रात
बुध20:2721:22रात
चंद्र21:2222:18रात
शनि22:1823:13रात
गुरु23:1300:09रात
मंगल00:0901:04रात
सूर्य01:0401:59रात
शुक्र01:5902:55रात
बुध02:5503:50रात
चंद्र03:5004:46रात
शनि04:4605:41रात

अयनांश 24.2711° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।