10 दिसंबर 2029 को लखनऊ का चौघड़िया

सोमवार, 10 दिसंबर 2029, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 10 दिसंबर 2029 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (09:51 तक), नक्षत्र श्रवण (08:26 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 06:44 पर और सूर्यास्त 17:13 पर है। राहुकाल 08:02 से 09:21 तक है।

दिन और रात
दिन 06:44 – 17:13
रात 06:44 तक
तिथि
पंचमी, 09:51 तक
षष्ठी
नक्षत्र
धनिष्ठा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 दिसंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:44 – 08:02शुभ
काल08:02 – 09:21टालें
शुभ09:21 – 10:40शुभ
रोग10:40 – 11:58टालें
उद्वेग11:58 – 13:17टालें
चर13:17 – 14:36सामान्य
लाभ14:36 – 15:55शुभ
अमृत15:55 – 17:13शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:13 – 18:55सामान्य
रोग18:55 – 20:36टालें
काल20:36 – 22:17टालें
लाभ22:17 – 23:59शुभ
उद्वेग23:59 – 01:40टालें
शुभ01:40 – 03:22शुभ
अमृत03:22 – 05:03शुभ
चर05:03 – 06:44सामान्य

10 दिसंबर 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 09:51 तक
शुक्ल षष्ठी 09:51, 11 दिस॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 08:26 तक
धनिष्ठा 08:59, 11 दिस॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 18:30 तक
हर्षण 17:32, 11 दिस॰ तक
करण
बालव 09:51 तक
कौलव 21:45 तक
तैतिल 09:51, 11 दिस॰ तक
चंद्र राशि
मकर 20:37 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:44
सूर्यास्त
17:13
चंद्रोदय
10:32
चंद्रास्त
22:12
दिनमान
10h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:56 – 05:50
अभिजीत मुहूर्त
11:37 – 12:19

अशुभ समय

राहुकाल
08:02 – 09:21
यमगंड
10:40 – 11:58
गुलिक काल
13:17 – 14:36

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:4407:36दिन
शनि07:3608:29दिन
गुरु08:2909:21दिन
मंगल09:2110:14दिन
सूर्य10:1411:06दिन
शुक्र11:0611:58दिन
बुध11:5812:51दिन
चंद्र12:5113:43दिन
शनि13:4314:36दिन
गुरु14:3615:28दिन
मंगल15:2816:21दिन
सूर्य16:2117:13दिन
शुक्र17:1318:21रात
बुध18:2119:28रात
चंद्र19:2820:36रात
शनि20:3621:44रात
गुरु21:4422:51रात
मंगल22:5123:59रात
सूर्य23:5901:06रात
शुक्र01:0602:14रात
बुध02:1403:22रात
चंद्र03:2204:29रात
शनि04:2905:37रात
गुरु05:3706:44रात

अयनांश 24.2753° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।