28 दिसंबर 2029 को लखनऊ का चौघड़िया

शुक्रवार, 28 दिसंबर 2029, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 28 दिसंबर 2029 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (02:23, 29 दिस॰ तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (10:44 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:53 पर और सूर्यास्त 17:21 पर है। राहुकाल 10:49 से 12:07 तक है।

दिन और रात
दिन 06:53 – 17:21
रात 06:54 तक
तिथि
अष्टमी, 02:23 तक
नवमी
नक्षत्र
हस्त
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 दिसंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:53 – 08:12सामान्य
लाभ08:12 – 09:30शुभ
अमृत09:30 – 10:49शुभ
काल10:49 – 12:07टालें
शुभ12:07 – 13:26शुभ
रोग13:26 – 14:44टालें
उद्वेग14:44 – 16:03टालें
चर16:03 – 17:21सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:21 – 19:03टालें
काल19:03 – 20:44टालें
लाभ20:44 – 22:26शुभ
उद्वेग22:26 – 00:07टालें
शुभ00:07 – 01:49शुभ
अमृत01:49 – 03:31शुभ
चर03:31 – 05:12सामान्य
रोग05:12 – 06:54टालें

28 दिसंबर 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 02:23, 29 दिस॰ तक
कृष्ण नवमी 00:16, 30 दिस॰ तक
नक्षत्र
हस्त 09:32, 29 दिस॰ तक
योग
सौभाग्य 12:07 तक
शोभन 09:22, 29 दिस॰ तक
करण
बालव 15:19 तक
कौलव 02:23, 29 दिस॰ तक
तैतिल 13:22, 29 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:53
सूर्यास्त
17:21
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
11:33
दिनमान
10h 28m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:05 – 05:59
अभिजीत मुहूर्त
11:46 – 12:28

अशुभ समय

राहुकाल
10:49 – 12:07
यमगंड
14:44 – 16:03
गुलिक काल
08:12 – 09:30

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:5307:46दिन
बुध07:4608:38दिन
चंद्र08:3809:30दिन
शनि09:3010:23दिन
गुरु10:2311:15दिन
मंगल11:1512:07दिन
सूर्य12:0713:00दिन
शुक्र13:0013:52दिन
बुध13:5214:44दिन
चंद्र14:4415:37दिन
शनि15:3716:29दिन
गुरु16:2917:21दिन
मंगल17:2118:29रात
सूर्य18:2919:37रात
शुक्र19:3720:44रात
बुध20:4421:52रात
चंद्र21:5223:00रात
शनि23:0000:07रात
गुरु00:0701:15रात
मंगल01:1502:23रात
सूर्य02:2303:31रात
शुक्र03:3104:38रात
बुध04:3805:46रात
चंद्र05:4606:54रात

अयनांश 24.2760° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।