29 सितंबर 2026 को मदुरै का चौघड़िया

मंगलवार, 29 सितंबर 2026, मदुरै, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को मदुरै में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (17:10 तक), नक्षत्र अश्विनी (09:03 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 06:06 पर और सूर्यास्त 18:09 पर है। राहुकाल 15:08 से 16:39 तक है।

दिन और रात
दिन 06:06 – 18:09
रात 06:06 तक
तिथि
तृतीया, 17:10 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
भरणी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 सितंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:06 – 07:36टालें
उद्वेग07:36 – 09:07टालें
चर09:07 – 10:37सामान्य
लाभ10:37 – 12:07शुभ
अमृत12:07 – 13:38शुभ
काल13:38 – 15:08टालें
शुभ15:08 – 16:39शुभ
रोग16:39 – 18:09टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:09 – 19:39टालें
लाभ19:39 – 21:08शुभ
उद्वेग21:08 – 22:38टालें
शुभ22:38 – 00:07शुभ
अमृत00:07 – 01:37शुभ
चर01:37 – 03:07सामान्य
रोग03:07 – 04:36टालें
काल04:36 – 06:06टालें

29 सितंबर 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 17:10 तक
कृष्ण चतुर्थी 14:55, 30 सित॰ तक
नक्षत्र
भरणी 07:36, 30 सित॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 06:13 तक
हर्षण 03:20, 30 सित॰ तक
वज्रअशुभ 00:20, 1 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 06:14 तक
विष्टि (भद्रा) 17:10 तक
बव 04:04, 30 सित॰ तक
बालव 14:55, 30 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:06
सूर्यास्त
18:09
चंद्रोदय
20:09
चंद्रास्त
08:10
दिनमान
12h 3m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:30 – 05:18
अभिजीत मुहूर्त
11:43 – 12:31

अशुभ समय

राहुकाल
15:08 – 16:39
यमगंड
09:07 – 10:37
गुलिक काल
12:07 – 13:38

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:0607:06दिन
सूर्य07:0608:06दिन
शुक्र08:0609:07दिन
बुध09:0710:07दिन
चंद्र10:0711:07दिन
शनि11:0712:07दिन
गुरु12:0713:08दिन
मंगल13:0814:08दिन
सूर्य14:0815:08दिन
शुक्र15:0816:08दिन
बुध16:0817:09दिन
चंद्र17:0918:09दिन
शनि18:0919:09रात
गुरु19:0920:08रात
मंगल20:0821:08रात
सूर्य21:0822:08रात
शुक्र22:0823:08रात
बुध23:0800:07रात
चंद्र00:0701:07रात
शनि01:0702:07रात
गुरु02:0703:07रात
मंगल03:0704:06रात
सूर्य04:0605:06रात
शुक्र05:0606:06रात

अयनांश 24.2306° (लाहिड़ी)। समय मदुरै (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।