13 सितंबर 2025 को मालदा का चौघड़िया

शनिवार, 13 सितंबर 2025, मालदा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 13 सितंबर 2025 को मालदा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (07:23 तक), नक्षत्र कृत्तिका (10:11 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 05:22 पर और सूर्यास्त 17:43 पर है। राहुकाल 08:27 से 10:00 तक है।

दिन और रात
दिन 05:22 – 17:43
रात 05:23 तक
तिथि
सप्तमी, 05:04 तक
नक्षत्र
कृत्तिका, 10:11 तक
रोहिणी
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:22 – 06:55टालें
शुभ06:55 – 08:27शुभ
रोग08:27 – 10:00टालें
उद्वेग10:00 – 11:33टालें
चर11:33 – 13:05सामान्य
लाभ13:05 – 14:38शुभ
अमृत14:38 – 16:10शुभ
काल16:10 – 17:43टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:43 – 19:11शुभ
उद्वेग19:11 – 20:38टालें
शुभ20:38 – 22:05शुभ
अमृत22:05 – 23:33शुभ
चर23:33 – 01:00सामान्य
रोग01:00 – 02:28टालें
काल02:28 – 03:55टालें
लाभ03:55 – 05:23शुभ

13 सितंबर 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 07:23 तक
कृष्ण सप्तमी 05:04, 14 सित॰ तक
कृष्ण अष्टमी 03:06, 15 सित॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 08:41, 14 सित॰ तक
योग
हर्षण 10:32 तक
वज्रअशुभ 07:35, 14 सित॰ तक
करण
वणिज 07:23 तक
विष्टि (भद्रा) 18:11 तक
बव 05:04, 14 सित॰ तक
बालव 16:02, 14 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:22
सूर्यास्त
17:43
चंद्रोदय
21:45
चंद्रास्त
11:06
दिनमान
12h 21m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:49 – 04:36
अभिजीत मुहूर्त
11:08 – 11:57

अशुभ समय

राहुकाल
08:27 – 10:00
यमगंड
13:05 – 14:38
गुलिक काल
05:22 – 06:55

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:2206:24दिन
गुरु06:2407:26दिन
मंगल07:2608:27दिन
सूर्य08:2709:29दिन
शुक्र09:2910:31दिन
बुध10:3111:33दिन
चंद्र11:3312:34दिन
शनि12:3413:36दिन
गुरु13:3614:38दिन
मंगल14:3815:40दिन
सूर्य15:4016:41दिन
शुक्र16:4117:43दिन
बुध17:4318:41रात
चंद्र18:4119:40रात
शनि19:4020:38रात
गुरु20:3821:36रात
मंगल21:3622:35रात
सूर्य22:3523:33रात
शुक्र23:3300:31रात
बुध00:3101:29रात
चंद्र01:2902:28रात
शनि02:2803:26रात
गुरु03:2604:24रात
मंगल04:2405:23रात

अयनांश 24.2161° (लाहिड़ी)। समय मालदा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।