12 मार्च 2025 को मेरठ का चौघड़िया

बुधवार, 12 मार्च 2025, मेरठ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 12 मार्च 2025 को मेरठ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (09:12 तक), नक्षत्र मघा (04:05, 13 मार्च तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:32 पर और सूर्यास्त 18:25 पर है। राहुकाल 12:29 से 13:58 तक है।

दिन और रात
दिन 06:32 – 18:25
रात 06:31 तक
तिथि
चतुर्दशी
नक्षत्र
मघा, 04:05 तक
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:32 – 08:01शुभ
अमृत08:01 – 09:30शुभ
काल09:30 – 10:59टालें
शुभ10:59 – 12:29शुभ
रोग12:29 – 13:58टालें
उद्वेग13:58 – 15:27टालें
चर15:27 – 16:56सामान्य
लाभ16:56 – 18:25शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:25 – 19:56टालें
शुभ19:56 – 21:27शुभ
अमृत21:27 – 22:57शुभ
चर22:57 – 00:28सामान्य
रोग00:28 – 01:59टालें
काल01:59 – 03:29टालें
लाभ03:29 – 05:00शुभ
उद्वेग05:00 – 06:31टालें

12 मार्च 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 09:12 तक
शुक्ल चतुर्दशी 10:36, 13 मार्च तक
नक्षत्र
मघा 04:05, 13 मार्च तक
पूर्वा फाल्गुनी 06:19, 14 मार्च तक
योग
सुकर्मा 13:00 तक
धृति 13:02, 13 मार्च तक
करण
तैतिल 09:12 तक
गर 21:51 तक
वणिज 10:36, 13 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:32
सूर्यास्त
18:25
चंद्रोदय
16:47
चंद्रास्त
05:30
दिनमान
11h 53m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:55 – 05:43
अभिजीत मुहूर्त
12:05 – 12:52 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:29 – 13:58
यमगंड
08:01 – 09:30
गुलिक काल
10:59 – 12:29

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:3207:31दिन
चंद्र07:3108:31दिन
शनि08:3109:30दिन
गुरु09:3010:30दिन
मंगल10:3011:29दिन
सूर्य11:2912:29दिन
शुक्र12:2913:28दिन
बुध13:2814:27दिन
चंद्र14:2715:27दिन
शनि15:2716:26दिन
गुरु16:2617:26दिन
मंगल17:2618:25दिन
सूर्य18:2519:26रात
शुक्र19:2620:26रात
बुध20:2621:27रात
चंद्र21:2722:27रात
शनि22:2723:28रात
गुरु23:2800:28रात
मंगल00:2801:28रात
सूर्य01:2802:29रात
शुक्र02:2903:29रात
बुध03:2904:30रात
चंद्र04:3005:30रात
शनि05:3006:31रात

अयनांश 24.2090° (लाहिड़ी)। समय मेरठ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।